कर्नाटक: येदियुरप्पा सरकार रहेगी या जाएगी? 15 में 7 सीटें जीतने की चुनौती

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के लिए उपचुनावों के परिणाम काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी को 223 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए कम से कम 7 सीटें जीतना अहम हो जा रहा है.

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बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा (फोटो-IANS) बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा (फोटो-IANS)

aajtak.in

  • बैंगलुरु,
  • 09 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 8:22 AM IST

  • कर्नाटक की 15 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज
  • बीएस येदियुरप्पा सरकार के लिए उपचुनाव अग्निपरीक्षा

  • येदियुरप्पा सरकार के बहुमत के लिए चाहिए कम से कम 7 सीटें 

कर्नाटक की 15 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव पर आज सोमवार को नतीजे आ रहे हैं. मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के लिए उपचुनावों के परिणाम काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी को 223 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए कम से कम 7 सीटें जीतना अहम है. पांच दिसंबर को 15 सीटों पर उपचुनाव में  66.49 फीसदी वोटिंग हुई थी.

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15 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 165 उम्मीदवार खड़े हैं, जिसमें 126 निर्दलीय और 9 महिलाएं शामिल हैं. बीजेपी और कांग्रेस सभी 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि जेडीएस ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

बता दें कि कांग्रेस-जेडीएस के 17 विधायकों के जुलाई में पार्टी से इस्तीफे देने के चलते एचडी कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार गिर गई थी. इसके बाद बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी थी. इन विधायकों को तत्कालीन स्पीकर ने अयोग्य करार देकर चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में इन अयोग्य करार दिए गए विधायकों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी. वैसे तो विधायकों के इस्तीफे से खाली हुईं कुल 17 सीटों पर चुनाव होना था, पर दो सीटों का मामला हाई कोर्ट में होने के कारण फिलहाल 15 सीटों पर ही चुनाव हुए.

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येदियुरप्पा के लिए 7 सीटें जीतना जरूरी

गौरतलब है कि बीजेपी ने पार्टी में शामिल हुए 16 में से 13 अयोग्य विधायकों को उनके विधानसभा सीटों से टिकट देकर मैदान में उतारा था. उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और जेडीएस के टिकटों पर जीत हासिल की थी. जिन 15 सीटों पर उपचुनाव हुआ है, उनमें 12 पर कांग्रेस और तीन पर जेडीएस का कब्जा था.

मौजूदा समय में बीजेपी के पास 105 विधायक (एक निर्दलीय समेत) हैं, कांग्रेस के 66 और जेडीएस के 34 विधायक हैं. इनके अलावा बसपा का एक सदस्य है, एक मनोनीत विधायक है और विधानसभा अध्यक्ष हैं.

क्या है सीटों का गणित?  

जबकि, इस समय कर्नाटक में कुल 207 विधायक हैं. बहुमत के लिए जरूरी 104 से एक अधिक 105 विधायक भाजपा के पास हैं. अब 15 और विधायकों के चुनाव के बाद सदन की सदस्य संख्या 222 हो जाएगी. ऐसे में बहुमत के लिए बीजेपी को 112 विधायक चाहिए. लिहाजा इस उपचुनाव में सात सीटें जीतने पर भाजपा की येदियुरप्पा सरकार को बहुमत हासिल हो जाएगा, लेकिन बीजेपी कम से कम सात सीटें जीतनी होगी.

इन सीटों पर हुए थे चुनाव

गोकक, कागवाड, अथानी, येल्लपुरा, हिरेकेरूर, रवबेन्नुर, विजय नगर, चिकबल्लापुरा, केआरपुरा, यशवंतपुरा, महालक्ष्मी लायुत, शिवाजी नगर, होसकोटे, हंसुर और केआर पेटे विधानसभा सीटें शामिल हैं. दो सीटों मस्की और राजराजेश्वरी पर बाद में चुनाव बाद में होंगे.

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