कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि कन्नड़ विद्वान एम.एम.कलबुर्गी की हत्या तर्कशास्त्रियों के सफाये के लिए रचे जा रहे एक बड़े षडयंत्र की तरफ इशारा कर रही है.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'रिपोर्टों के आधार पर कहा जा सकता है कि नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पनसारे और एम.एम.कलबुर्गी की हत्याओं में बहुत अधिक समानताएं हैं. ये सभी मुखर तर्कशास्त्री थे. ये सभी अतार्किक अंधविश्वासों के खिलाफ बोलते और लिखते थे. इन सभी की कोशिश वैज्ञानिक मिजाज, अन्वेषण की कोशिश और सुधार को प्रोत्साहित करने की थी.'
उन्होंने कहा कि कलबुर्गी की हत्या की पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं वे तर्कशास्त्रियों की हत्याओं के एक बड़े षडयंत्र की तरफ इशारा कर रहे हैं. सुरजेवाला ने कहा, "बजरंग दल की भूमिका तार्किक रूप से संदिग्ध हो गई है. बजरंग दल के सदस्य भुवन शेट्टी ने कलबुर्गी की हत्या के बाद ट्वीट किया था कि लेखक के.एस.भगवान अब अगला निशाना हैं.'
उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा से ही अपने विचार के विरोधियों को रास्ते से हटाने के लिए हिंसक तौर तरीकों का सहारा लेता रहा है.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस आजाद विचारों वाली किसी भी आवाज को किसी चरमपंथी संगठन द्वारा हिंसक तरीके से दबाने की निंदा करती है.
-इनपुट IANS
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