पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी मां माधवी राजे सिंधिया कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं. दोनों का ही दिल्ली के मैक्स अस्पताल में इलाज जारी है. मंगलवार को ही दोनों की कोरोना वायरस टेस्ट की रिपॉर्ट पॉजिटिव आई है.
ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले कुछ वक्त से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं, जब उन्होंने मध्य प्रदेश में चुनाव के कुछ वक्त बाद ही कांग्रेस से बगावत कर दी थी. पहले उनके समर्थन वाले विधायकों ने इस्तीफा दिया और कमलनाथ की सरकार गिरवा दी. कुछ वक्त बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का साथ छोड़कर, भाजपा का दामन थाम लिया.
ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी मां कोरोना पॉजिटिव, अस्पताल में एडमिट
यूं तो सिंधिया खानदान का भारतीय जनता पार्टी से पुराना नाता रहा है, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया शुरुआत से कांग्रेस में ही थे. भाजपा नेता और महाराज के नाम से जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के सियासी सफर पर एक नज़र डालें...
- ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के वारिस ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म 1 जनवरी, 1971 को हुआ था.
- उनके पिता माधवराव सिंधिया, कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे थे. लेकिन 2001 में हुई एक हादसे में मृत्यु के बाद 2002 में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी राजनीति में आ गए.
- साल 2019 तक ज्योतिरादित्य मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट से चार बार सांसद रह चुके हैं.
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- 2019 में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार केपी. यादव ने गुना से उन्हें हरा दिया था. सिंधिया की हार कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ.
- ज्योतिरादित्य सिंधिया मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और ऊर्जा राज्य मंत्री का पद संभाल चुके हैं.
- अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया की पढ़ाई की बात करें, तो उन्होंने शुरुआती पढ़ाई दून स्कूल से पूरी की, इसके बाद हॉर्वर्ड और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया.
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- सिर्फ राजनीति ही नहीं बल्कि अमेरिका में करीब चार साल ज्योतिरादित्य सिंधिया लिंच, संयुक्त राष्ट्र, मार्गेन स्टेनले जैसे संगठनों में प्रोफेशनल काम भी कर चुके हैं.
- ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक सदस्यों में से एक रही हैं. उनके बाद माधवराव सिंधिया ने भी जनसंघ से शुरुआत की, लेकिन 1980 में कांग्रेस में चले गए.और अब ज्योतिरादित्य भी बीजेपी में हैं.
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