JNU में 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य, छात्रों ने किया विरोध

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों के लिए 75 फीसदी उपस्थिति आवश्यक कर दी है. अगर कोई विद्यार्थी मेडिकल कारणों से छुट्टी लेता है तो उसे 60 फीसदी तक छूट दी जाएगी यानि वो 60 फीसदी भी उपस्थित रहते हैं तो मान्य होगा.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 4:58 PM IST

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों के लिए 75 फीसदी उपस्थिति आवश्यक कर दी है. अगर कोई विद्यार्थी मेडिकल कारणों से छुट्टी लेता है तो उसे 60 फीसदी तक छूट दी जाएगी यानि वो 60 फीसदी भी उपस्थित रहते हैं तो मान्य होगा. हालांकि छात्र इस फरमान का विरोध कर रहे हैं.

अनिवार्य उपस्थिति कमेटी की सिफारिश के आधार पर सहायक रजिस्ट्रार (मूल्यांकन) सज्जन सिंह की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि बीए, एमए, एमएससी, एमटेक, पीजी डिप्लोमा, एमफिल, पीएचडी और सभी अंशकालिक पाठ्यक्रमों के छात्रों को सेमेस्टर के अंत की परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है.

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अगर कोई पार्ट-टाइम प्रोग्राम, बीए, एमए, एमएससी, पीजी डिप्लोमा, एमफिल और पीएचडी का विद्यार्थी मेडिकल कारणों की वजह से उपस्थित रहते हैं तो 60 फीसदी उपस्थिति भी पर्याप्त होगी. साथ ही कहा गया है कि हर महीने में सुपरवाइजर के साथ दो सेशन भी किए होने आवश्यक है.  इसके अनुसार ‘वाजिब शैक्षणिक आधार पर विश्वविद्यालय से गैर मौजूद रहने वाले एमफिल और पीएचडी के छात्रों को सुपवाइजर/संबंधित केंद्र के अध्यक्ष और सक्षम प्राधिकार से पूर्व अनुमति लेनी होगी.’

एमफिल और पीएचडी के छात्रों को सुपरवाइजर की अनुमति से एक शैक्षाणिक वर्ष में 30 दिन की छुट्टी भी प्रदान की गई है.

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