झारखंड सरकार ने अश्लील बताकर बैन की The Adivasi Will Not Dance

ये मुद्दा शुक्रवार को राज्य की विधानसभा में विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उठाया और किताब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. शाम तक मुख्यमंत्री रघुबर दास ने इसकी सभी प्रतियों को जब्त करने और लेखक सोवेंद्र शेखर पर कार्रवाई करने का आदेश दिया.

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The Adivasi Will Not Dance The Adivasi Will Not Dance

वंदना भारती

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  • 13 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 3:46 PM IST

झारखंड सरकार ने संथाली महिलाओं के अश्लील चित्रण का आरोप लगाते हुए डॉ. हांसदा सोवेंद्र शेखर की किताब ‘आदिवासी विल नॉट डांस’ पर बैन लगा दिया है. सरकार को इस किताब की एक कहानी पर आपत्ति है जिसमें एक ऐसी संथाल महिला की कहानी है जिसे महज पकौड़े खाने के लिए अपना शरीर बेचना पड़ता है. खास बात ये है कि जिस किताब को बैन किया गया है उसके लिए लेखक को 2015 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार मिल चुका है.

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"The Adivasi Will Not Dance" पुस्तक पर झारखण्ड में प्रतिबंध। सभी प्रतियां तत्काल जब्त की जाएंगी और लेखक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी...

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"The Adivasi Will Not Dance" पुस्तक पर झारखण्ड में प्रतिबंध। सभी प्रतियां तत्काल जब्त की जाएंगी और लेखक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी...

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ये मुद्दा शुक्रवार को राज्य की विधानसभा में विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उठाया और किताब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. शाम तक मुख्यमंत्री रघुबर दास ने इसकी सभी प्रतियों को जब्त करने और लेखक सोवेंद्र शेखर पर कार्रवाई करने का आदेश दिया.

रघुवर दास ने मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को आदेश दिया कि पाकुड़ जहां के शेखर रहने वाले हैं, के डीसी को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दें.

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आदिवासी महिलाओं की अस्मिता और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली ये किताब पूरे झारखंड में कहीं भी बिकने या इसके किसी अंश को प्रचारित-प्रसारित करने पर पूरी तरह रोक रहेगी.

 

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