इमरान के एक-एक झूठ का यूएन में भारत करेगा पर्दाफाश

पाकिस्तान के प्रधानंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) पर दिेए गए संबोधन के जवाब में भारत ने अपने राइट टु रिप्लाई का इस्तेमाल किया है.

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पीएम मोदी (तस्वीर- AP) पीएम मोदी (तस्वीर- AP)

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 27 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:41 PM IST

पाकिस्तान के प्रधानंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) पर दिेए गए संबोधन के जवाब में भारत ने अपने राइट टु रिप्लाई का इस्तेमाल किया है. भारत, इमरान खान के सभी आरोपों का जवाब देगा.

इमरान खान ने अपने भाषण के दौरान कश्मीर का जिक्र किया था और भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. इमरान खान ने बलूचिस्तान में आतंकवाद फैलाने का आरोप भारत पर लगाया था, साथ ही कश्मीर में विपक्षी नेताओं को हिरासत में भेजे जाने का आरोप लगाया.

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इमरान खान ने भारत पर आरोप लगाया कि कश्मीरियों पर अत्याचार किया जा रहा है. साथ ही इमरान खान ने भारत के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की धमकी भी दी. इमरान खान ने एक और पुलवामा जैसा हमला करने की भी बात कही. भारत इन सभी आरोपों का अब यूएनजीए में जवाब देगा.

यूएनजीए के मंच से फिर अलापा कश्मीर राग

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में अपने संबोधन के दौरान एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कश्मीर से कर्फ्यू हटने के बाद वहां काफी खून-खराबा होगा. इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां अपने संबोधन में दुनिया को शांति का संदेश दिया.

इमरान ने परमाणु युद्ध की धमकी देते हुए कहा, 'मैं सोचता हूं कि मैं कश्मीर में होता और 55 दिनों से बंद होता, तो मैं भी बंदूक उठा लेता. आप ऐसा करके लोगों को कट्टर बना रहे हैं. मैं फिर कहना चाहता हूं कि यह बहुत मुश्किल समय है. इससे पहले कि परमाणु युद्ध हो, संयुक्त राष्ट्र की कुछ करने की जिम्मेदारी है. हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं. अगर दो देशों के बीच युद्ध हुआ तो कुछ भी हो सकता है.'

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उन्होंने कहा, 'कश्मीर में लोगों को जानवरों की तरह क्यों बंद कर दिया गया है. वे इंसान हैं. कर्फ्यू उठ जाएगा तो क्या होगा. तब मोदी क्या करेंगे. उन्हें लगता है कि कश्मीर के लोग इस स्थिति को स्वीकार कर लेंगे? कर्फ्यू उठने के बाद कश्मीर में खून की नदियां बहेंगी, लोग बाहर आएंगे. क्या मोदी ने सोचा कि तब क्या होगा?' पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इसके अलावा इस्लामोफोबिया का भी मुद्दा उठाया.

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