ENG vs WI: 117 दिन बाद क्रिकेट की वापसी, खाली स्टेडियम में दिखेंगे ये नए नजारे

कोविड-19 महामारी के कारण 15 मार्च 2020 के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ठप पड़ा है और अब इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच जैव सुरक्षित वातावरण में खाली स्टेडियमों में इसकी शुरुआत होने जा रही है.

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ENG vs WI 1st Test (File Photo) ENG vs WI 1st Test (File Photo)

aajtak.in

  • साउथेम्प्टन,
  • 08 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 11:13 AM IST

  • कोरोना महामारी के बीच आज से भिड़ंगे इंग्लैंड और वेस्टइंडीज
  • लेकिन मैदान पर खिलाड़ियों में जोश भरने वाले दर्शक नहीं होंगे

इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच बुधवार से साउथेम्पटन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच से 117 दिनों बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी होगी और यह सीमित ओवरों की क्रिकेट के चलन के बाद पिछले 46 वर्षों में पहला अवसर होगा, जब 100 से भी अधिक दिनों तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला गया. साउथेम्पटन में यह मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3.30 बजे से खेला जाएगा.

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ऐसा युग जिसमें मैदान पर खिलाड़ियों में जोश भरने वाले दर्शक नहीं होंगे. खिलाड़ी गले नहीं मिल सकेंगे. हफ्ते में दो बार कोरोना जांच होगी और खिलाड़ी होटल से बाहर नहीं जा सकेंगे. यह मैच सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, उससे इतर भी कारणों से खेल की इतिहास में दर्ज हो जाएगा. दर्शकों के बिना, बार-बार कोरोना वायरस जांच के बीच, सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए होने वाले ये मैच भविष्य में मैचों और दौरों का ब्लूप्रिंट भी तैयार करेंगे.

अब मैदान पर दिखेंगे ये इतने सारे बदलाव -

केवल दोनों कप्तान बेन स्टोक्स- जेसन होल्डर तथा मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड टॉस के लिए बाहर जाएंगे. टॉस में कोई कैमरा नहीं होगा और न ही कोई हैंडशेक होगा. अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और रिचर्ड केटलबोरो अपनी गेंद लेकर जाएंगे. मैच के दौरान सेनेटाइजेशन ब्रेक होगा.

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खिलाड़ी दस्ताने, शर्ट, पानी की बोतल, बैग या स्वेटर साझा नहीं कर सकते. कोई भी बॉल ब्वॉय नहीं होगा, और ग्राउंड स्टाफ मैदान पर खिलाड़ियों के 20 मीटर के दायरे में नहीं जाएगा.

टीम शीट्स डिजिटल होंगी. स्कोरर पेन और पेंसिल साझा नहीं करेंगे. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पहले ही गेंद पर लार के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है. दो चेतावनियों के बाद, पांच रन का जुर्माना लगाया जाएगा.

'द टेलीग्राफ' ने ईसीबी के इवेंट्स निदेशक स्टीव एलवर्दी के हवाले से लिखा है कि यदि गेंद छह रन के लिए स्टैंड में चली जाती है, तो दस्ताने पहने टीम स्क्वॉड के ही खिलाड़ी इसे वापस फेंकेंगे, किसी और को इसे छूने की अनुमति नहीं होगी.

15 मार्च 2020 के बाद से ठप पड़ा था क्रिकेट

कोविड-19 महामारी के कारण 15 मार्च 2020 के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ठप पड़ा है और अब इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच जैव सुरक्षित वातावरण में खाली स्टेडियमों में इसकी शुरुआत होने जा रही है. इससे पहले आखिरी मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच सिडनी में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय के रूप में खेला गया था.

वनडे और फिर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आने से बीच-बीच में कुछ अवसरों पर टेस्ट मैच 100 से अधिक दिनों के अंतराल में खेले गए, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सहित विभिन्न घरेलू लीग की शुरुआत के बावजूद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कभी ऐसा देखने को नहीं मिला था. इससे पहले 1972 में 114 और 1973 में 113 दिनों तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला गया था.

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वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत पांच जनवरी 1971 को हुई थी, लेकिन पहले चार वर्षों में केवल 15 मैच खेले गए थे. यही वजह थी कि 19 अगस्त 1971 से 16 फरवरी 1972 तक कोई मैच नहीं खेला गया था. इसका मतलब 181 दिनों तक कोई मैच नहीं हुआ जो पिछले पांच दशकों में दो मैचों के बीच सबसे लंबा अंतराल है.

जब तक सीमित ओवरों की क्रिकेट नहीं खेली जाती थी तब दो अंतरराष्ट्रीय मैचों या यूं कहें कि टेस्ट क्रिकेट में दो मैचों के बीच लंबा अंतराल देखने को मिलता था. ऐसा सबसे लंबा अंतराल पहले और दूसरे विश्व युद्ध के बीच देखने को मिला. पहले विश्व युद्ध के दौरान छह साल नौ महीने और 20 दिन यानी कुल 2485 दिनों तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया.

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दूसरे विश्व युद्ध के दौरान भी 2414 दिन तक कोई मैच नहीं हुआ था. अगर विश्व युद्ध को छोड़ दें तो 14 अगस्त 1899 से लेकर 13 दिसंबर 1901 तक यानी 851 दिनों तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया. लेकिन तब दक्षिण अफ्रीका में युद्ध किे कारण वहां खेले जाने वाले टेस्ट मैचों को रद्द किया गया था.

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टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत में जरूर कई दिनों तक कोई मैच नहीं खेला जाता था. मसलन इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे टेस्ट मैच के बाद तीसरा टेस्ट मैच 642 दिनों बाद खेला गया था, जबकि तीसरे और चौथे टेस्ट मैच में 613 दिनों का अंतराल रहा.

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फरवरी 1883 से लेकर जुलाई 1884 के बीच 509 दिनों तक कोई मैच नहीं खेला गया था. सीमित ओवरों की क्रिकेट के चलन के कारण हाल में विशेषकर उन वर्षों में 100 से अधिक दिन तक टेस्ट मैच नहीं खेला गया, जब वनडे विश्व कप का आयोजन किया गया.

जैसे कि पिछले साल इंग्लैंड में विश्व कप खेला गया. इससे पहले खिलाड़ी आईपीएल में व्यस्त रहे और इस कारण दो टेस्ट मैचों के बीच 131 दिनों का अंतराल देखने को मिला. वर्तमान में यह अंतराल 130 दिन का है.

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