कमजोर रुपये की वजह से नहीं महंगा होगा कर्ज, हमारे पास पर्याप्त इंतजाम: सरकार

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक अगले महीने होनी है. इस बैठक में आरबीआई अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों के आधार पर ब्याज दरें बढ़ाने व घटाने का फैसला लेगा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

विकास जोशी

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 2:44 PM IST

डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट जारी है. इसको देखते हुए लोग सवाल पूछने लगे हैं कि क्या भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा? इस सवाल का जवाब सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने दिया है. उन्होंने कहा कि आरबीआई को रुपये में गिरावट के चलते ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं है.

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सान्याल ने कहा कि सरकार के पास रुपये में जारी गिरावट की स्थ‍िति से निपटने की खातिर पर्याप्त उपाय बचे हुए हैं. आरबीआई लगातार पर‍िस्थ‍िति पर नजर बनाए हुए है.

उन्होंने बताया कि भारत के पास 400 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है. इसके चलते हम मजबूत स्थ‍िति में हैं. उन्होंने कहा कि वृहद आर्थ‍िक मोर्चे पर महंगाई और अन्य दिक्कतें नहीं हैं.

सान्याल ने बताया कि बेहतर विदेशी मुद्रा भंडार होने की वजह से रुपये में गिरावट का ज्यादा असर हम पर नहीं होगा. इसलिए हम ऐसी स्थ‍िति में रुपये को गिरने दे सकते हैं. उन्होंने बताया कि कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने पैदा हो रहे व्यापार युद्ध के हालातों को देखते हुए अपनी करंसी को गिरने दिया है.

भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से ब्याज दरें बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह अनावश्यक होगा. सान्याल ने कहा कि मौद्रिक नीति समित‍ि की पहली चिंता महंगाई है. यह फिलहाल बेहतर स्थ‍िति में है. ऐसे में ब्याज दरें बढ़ाना अनावश्यक होगा.

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बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक अगले महीने होनी है. इस बैठक में आरबीआई अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों के आधार पर ब्याज दरें बढ़ाने व घटाने का फैसला लेगा. 

आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में बढ़ोतरी से बैंक भी ब्याज दरें बढ़ाना शुरू करते हैं. इससे आम आदमी के लिए बैंकों से लोन लेना काफी महंगा साबित होता है.

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