प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिन पहले जिस ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (EPE) का उद्घाटन किया था, उसके दो मेन कैरिज-वे के काम अभी तक अधूरे हैं. हालांकि अभी तक दावा किया जा रहा था कि इसका सब काम पूरा हो चुका है. सिर्फ फिनिशिंग का काम चल रहा है. यह हकीकत आजतक की पड़ताल में सामने आई.
इसके 104 किलोमीटर पॉइंट पर PQC यानी Pument, Quantity, Concrete का काम हो रहा है. यहां पर पलवल से आने-जाने वाले लोग उलटे साइड से चल रहे हैं. इसकी वजह सड़क के एक तरफ कंक्रीट का काम चल रहा है. छह से सात मशीने और लोग काम कर रहे हैं.
मतलब phase-5 यानी फरीदाबाद से पलवल के बीच मेन कैरिज-वे की कनेक्टिविटी का काम अधूरा है. नोएडा एक्सप्रेस-वे फरीदाबाद और फरीदाबाद से पलवल (phase-6) के मेन कैरिज-वे पर अब भी कनेक्टिविटी का काम पूरा होना बाकी है.
दूसरे पड़ाव पलवल से लौटते हुए ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर 96 किलोमीटर 522 मीटर पर JP सिटी के करीब स्थित इस पॉइंट पर दर्जन भर मजदूर शट ड्रेन बनाने का काम अभी भी कर रहे हैं, जिससे बारिश का पानी एक्सप्रेस-वे के नीचे बह जाए. यहां पर कई किलोमीटर के दायरे में क्रॉस बैरियर बनाने का काम भी पूरा नहीं हुआ है. क्रॉस बैरियर न होने की दशा में अगर यहां कोई एक्सीडेंट होता है, तो गाड़ियां एक्सप्रेस-वे से नीचे गिर सकती हैं.
इस अधूरे काम के बारे में पूछने पर जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट कमल धवन ने दावा किया कि 135 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे कुल छह हिस्सों में बांटकर बनाया गया है. इसका सब काम पूरा हो चुका है. सिर्फ फिनिशिंग का काम चल रहा है, जबकि आजतक ने अपने रिएलिटी चेक में पाया कि Phase-5 और Phase-6 के मेन कैरिज-वे का काम अधूरा है.
छह Phase इस प्रकार हैं.........
1-कुंडली से पागपत
2 -बागपत से दुहाई
3- दुहाई से दादरी
4- दादरी से यमुना एक्सप्रेस-वे
5- यमुना एक्सप्रेस-वे से फरीदबाद
6- फरीदाबाद से पलवल
कमल धवन ने बताया कि ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर छह इंटरचेंज एक्सेस कंट्रोल रोड यानी लूप, रैंप बनाए गए हैं, जहां पब्लिक आ-जा सकती है. ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर छह प्राइवेट कंपनियों ने काम किया, जिसमें दो कंपनियों के काम को रियलिटी चेक में आजतक ने अधूरा पाया. इन दो कंपनियों के नाम ओरिएंटल स्ट्रक्चर्स और गायत्री कंस्ट्रक्शन हैं. ये सभी EPC यानी Engineering Procurement Contractors हैं, जो NHAI में लिस्टेड हैं. इन कंपनियों के नाम इस प्रकार हैं.....
1. Sadbhaav Engineering
2. Sadbaav Engineering
3. Jaiprapaksh Associates Limited
4 Ashoka Buildcon
5 Oriental Structures
6 Gayatri construction
ग्रीन एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना
एक्सप्रेस-वे पर अभी CCTV नहीं लगे हैं. हर Phase का काम संभालने वाली प्राइवेट कंपनियों को दो साल तक सुंदरीकरण, रखरखाव, सफाई, गार्बेज क्लीनिंग का काम सौंपा गया है. 14 और 15 जून की रात से Tolling शुरू होगी. कोई कंपनी टोल का टेंडर करेगी.
1033 एक्सप्रेस-वे का इमरजेंसी नंबर
अभी एक्सप्रेस-वे पर Surveillance Vehicle लगातार घूम रहा है. ये रेड बैरियर और सेफ्टी बैरियर लगाते हैं. आगे चलकर पब्लिक टॉयलेट और मेडिकल सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी.
31 मई से शुरू होगा एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक सर्वे
NHAI के अनुमान के मुताबिक उद्घाटन के बाद हर रोज करीब 25 हजार वाहन गुजर रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक के सर्वे का काम AECOM नाम की कंपनी को दिया गया है.
राम कृष्ण / राम किंकर सिंह