सचिन पायलट बोले- कोटा के बच्चों और प्रवासी मजदूरों के लिए अलग नियम नहीं हो सकते

कोटा में फंसे छात्रों पर सचिन पायलट ने कहा कि यहां जो बच्चे हैं वो 16 से 20 साल के हैं. उनके लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए. लेकिन दो तरह के मापदंड नहीं होने चाहिए. गरीब-मजदूरों के बारे में भी सोचा जाना चाहिए.

Advertisement
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 6:41 PM IST

  • 'ये जंग नहीं आसान' कार्यक्रम में शामिल हुए सचिन पायलट
  • कहा- बच्चों के साथ गरीब-मजदूरों के बारे में भी सोचना जरूरी

कोरोना महामारी के चलते लागू देशव्यापी लॉकडाउन को एक महीने पूरे हो गए हैं. इसके आगे क्या होगा, इस पर मंथन के लिए ई-एजेंडा आजतक के 'ये जंग नहीं आसान' कार्यक्रम में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट शामिल हुए.

सचिन पायलय ने कहा कि कोटा में जो बच्चे फंसे हैं वो 16 से 20 साल के हैं. उनके लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए. लेकिन दो तरह की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए. गरीब-मजदूरों के बारे में भी सोचना चाहिए. लाखों की संख्या में मजदूर भी फंसे हुए हैं. राजस्थान के लाखों लोग कई अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं. उनका खाना खत्म हो रहा है, उनका ख्याल रखना होगा.

Advertisement

सचिन पायलट ने कहा कि 3 मई को लॉकडाउन खत्म हो रहा है और जहां ग्रीन जोन है वहां पर गतिविधियां बढ़ाई जानी चाहिए. अर्थव्यवस्था पर भी हमें ध्यान देना होगा. मेरा निजी तौर पर मानना है कि ग्रीन जोन को बंद करके नहीं रखा जाना चाहिए, लेकिन जोन रेड में लॉकडाउन लागू रखना चाहिए.

भीलवाड़ा मॉडल पर सचिन पायलट ने कहा कि हर राज्य की अलग-अलग स्थिति है. भीलवाड़ा में हमने सुपर कर्फ्यू लगाया था, लेकिन शहर में इसे लगाने में समय लग गया. पायलट ने कहा कि पूरे देश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है. पूरी दुनिया इससे जूझ रही है. आने वाले समय में कोरोना पर काबू पा लेंगे. राज्य में 8 लाख मजदूर मनरेगा के तहत काम रहे हैं.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

Advertisement

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

हम केंद्र की सलाह मानते हैंः पायलट

रिहाइशी इलाकों में दुकानें खोले जाने के फैसले पर पायलट ने कहा कि हम केंद्र के फैसले को लागू करते हैं और उनकी सलाह मानते हैं, लेकिन हर राज्य और जिले की परिस्थितियां अलग होती हैं. हमने सुधारों के साथ लॉकडाउन किया है. जिनके पास घर नहीं है उनके लिए व्यवस्था करनी होगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement