महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स को बिना हेलमेट के बल्लेबाजी करने के लिए जाना जाता था. अपने समय में इस बल्लेबाज ने कई घातक गेंदबाजों का सामना किया, लेकिन हेलमेट नहीं पहना. रिचर्ड्स ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी शेन वॉटसन के साथ बात करते हुए कहा कि वह बिना हेलमेट पहनने के कारण उठने वाले जोखिम के साथ सहज थे.
पॉडकास्ट के दौरान रिचर्ड्स ने वॉटसन से कहा, ‘खेल के प्रति जुनून इतना था कि मैं जिस खेल को प्यार करता हूं, उसे खेलते हुए मर भी जाता तो दुख नहीं होता.’ रिचर्ड्स ने कहा कि वह दूसरे खेलों में उन खिलाड़ियों से प्रेरित होते थे जो अपनी जान जोखिम में डालते थे.
68 साल के पूर्व बल्लेबाज ने कहा, ‘मैं दूसरे खेलों के पुरुष और महिला खिलाड़ियों को देखता था जो किसी भी हद तक अपने खेल का सम्मान करते थे. मैं फॉर्मूला-1 में रेसर को कार चलाते देखता था. इससे ज्यादा खतरनाक क्या हो सकता है.’
रिचर्ड्स ने यह भी बताया कि उनके डेंटिस्ट ने उनको माउथ गार्ड लगाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा इसलिए नहीं किया कि वो फिर च्युइंग गम नहीं चबा सकते थे. उन्होंने कहा, ‘मेरे डेंटिस्ट ने मुझे माउथपीस दिया था जो मैंने कुछ बार इस्तेमाल किया, लेकिन मैं च्युइंग गम नहीं खा पाता था, इसलिए मैंने नहीं लगाया.’
विव रिचर्ड्स ने 1991 में 15,000 (टेस्ट- 8540 + वनडे- 6721) से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाने के बाद क्रिकेट से संन्यास लिया. उन्होंने इस जमाने में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक गार्ड्स के बिना आपने अपनी पीढ़ी के तेज गेंदबाजों का सामना किया.
Amit Singh