नए चेहरे की तलाश या चुनावी हार बनी वजह? क्यों हटाए गए मनोज तिवारी

भोजपुरी अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी को भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया है. अब आदेश गुप्ता दिल्ली बीजेपी के नए अध्यक्ष होंगे.

Advertisement
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए गए मनोज तिवारी (PTI) बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए गए मनोज तिवारी (PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2020,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

  • दिल्ली बीजेपी संगठन में बड़ा बदलाव
  • मनोज तिवारी को पद से हटाया गया

देश की राजधानी दिल्ली से मंगलवार को बड़ी खबर सामने आई. भारतीय जनता पार्टी ने मनोज तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया है, इसी के साथ पूर्व मेयर आदेश गुप्ता को दिल्ली बीजेपी का चीफ बनाया गया है. बता दें कि इसी साल दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था.

Advertisement

मनोज तिवारी साल 2016 में दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष बने थे, ऐसे में अब जब उन्हें चार साल हो गए हैं तो बीजेपी की ओर से उन्हें बदलने का फैसला लिया गया.

मनोज तिवारी की छुट्टी, आदेश गुप्ता बने दिल्ली बीजेपी के नए अध्यक्ष

मनोज तिवारी का प्रदेश अध्यक्ष पद जाने के पीछे दिल्ली हार एक बड़ी वजह है, ऐसे में अब आदेश गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. आदेश गुप्ता का नाम कई लोगों के लिए चौंकाने वाला है, वह इससे पहले NDMC के मेयर रह चुके हैं.

दिल्ली के चुनाव में भाजपा को लगातार दो बार करारी हार का सामना करने को मिला है. बीजेपी की ओर से पहले पूर्वांचली वोटरों को लुभाने के लिए मनोज तिवारी को अध्यक्ष बनाया गया था, चुनाव से पहले उनके दिल्ली सीएम के उम्मीदवार बनाए जाने की भी चर्चा भी काफी हुई थी.

Advertisement

नया चेहरा या चुनावी हार का असर?

हालांकि, दिल्ली बीजेपी में स्थानीय लेवल पर राजनीति लगातार जारी रही थी और कई बार मनोज तिवारी को विरोध का सामना करना पड़ा. अब एक बार फिर दिल्ली बीजेपी की ओर से कोशिश की गई है कि नया चेहरा लाकर संगठन में जान फूंकी जाए.

आदेश गुप्ता व्यापारी समाज से आते हैं, ऐसे में एक बार फिर बीजेपी अपने कोर वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुट गई है.

बता दें कि लगातार बयानबाजी हो या फिर हाल ही में कोरोना संकट के बीच क्रिकेट खेलना, मनोज तिवारी का नाता लगातार विवादों से भरपूर रहा है. मनोज तिवारी की अध्यक्षता में ही भाजपा को दिल्ली के विधानसभा चुनाव में सिर्फ 8 सीटें मिली थीं, जबकि मनोज तिवारी लगातार 45 से अधिक सीटों का दावा कर रहे थे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement