कोरोनाः महामारी से बचाव के लिए नेपाल ने किया लॉक डाउन, बंद की हवाई सेवा

कोरोना वायरस से दुनिया के सभी देश परेशान हैं. नेपाल भी इससे एहतियात बरतने लगा है. अब नेपाल ने लॉक डाउन करने का ऐलान किया है, लेकिन चीन के हवाई उड़ानों पर प्रतिबंध के बारे में उसकी ओर से कुछ नहीं कहा गया है.

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कोरोना वायरस को लेकर नेपाल में भी सतर्कता (सांकेतिक तस्वीर-PTI) कोरोना वायरस को लेकर नेपाल में भी सतर्कता (सांकेतिक तस्वीर-PTI)

सुजीत झा

  • पटना,
  • 19 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST

  • 15 अप्रैल तक विमानों की आवाजाही पर रोक
  • चीन के विमानों पर रोक को लेकर निर्देश नहीं
  • नेपाल में साथ 25 लोगों के एकत्र होने पर रोक
कोरोना वायरस से दुनिया के सभी देश परेशान हैं. नेपाल भी इससे एहतियात बरतने लगा है. नेपाल ने लॉक डाउन करने का ऐलान किया है, लेकिन चीन के हवाई उड़ानों पर प्रतिबंध के बारे में उसकी ओर से कुछ नहीं कहा गया है.

नेपाल ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए पूरे देश को लॉक डाउन करने का फैसला किया है. नेपाल सरकार ने आपात बैठक के बाद कोरोना से लड़ने के लिए कई अहम फैसले लिए जिसमें यूरोप के सभी देशों समेत पश्चिम एशिया के देश जपान, कोरिया, इरान, तुर्की और मलेशिया आदि देशों से विमानों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.

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कल से शुरू होगा प्रतिबंध

यह प्रतिबंध 20 मार्च से 15 अप्रैल तक रहेगा लेकिन जहां से इस कोरोना वायरस की शुरुआत हुई उस चीन के बारे में कोई निर्देश नहीं हैं. यह बात अलग है कि चीन खुद 20 मार्च से 28 मार्च तक अपने सभी एयरलाइंसों की उड़ानें नेपाल से रद्द कर दी हैं.

नेपाल के चीन प्रेम में कोरोना भी बाधा नहीं पहुंचा रहा है. नेपाल सरकार इस महामारी को लेकर शुरुआत में ज्यादा चिंता नहीं जताई थी, जबकि नेपाल और चीन की सीमाएं आपस में लगती हैं.

सेमिनारों और कार्यक्रमों पर रोक

हालांकि नेपाल में कोरोना का अभी तक एक पॉजिटिव केस सामने आया है, जबकि नेपाल में बड़ी संख्या में चीनी नागरिकों का आना जाना होता है. खैर, नेपाल सरकार ने अब इसे गंभीरता से लिया है और इसी वजह से नेपाल सरकार ने देशभर के मंदिरों, मस्जिदों, चर्च गुरूद्वारा सहित सभी प्रकार के धार्मिक स्थलों पर‌ 25 लोगों से अधिक को एक साथ एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

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साथ ही पूरे देश में होने वाले सभी सभा सेमिनारों, संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी एक महीने तक नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है. आज गुरुवार से शुरू होने वाली 10वीं की परीक्षा को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया हैं.

कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैले इसके लिए देशभर के सारे स्कूल, कॉलेज सहित सभी प्रकार की शिक्षण संस्थाओं को 1 महीने तक के लिए बंद करने का आदेश जारी किया गया है. इस महीने विश्वविद्यालयों के द्वारा ली जाने वाली सभी परीक्षाओं पर भी रोक लगा दिया हैं.

भारत‌ के साथ लगी सीमाओं पर भी आवाजाही को कड़ा करते हुए अत्यन्त जरूरी कामों के अलावा नेपाल में प्रवेश पर सख्ती कर दी गई है. इस समय नेपाल और भारत के बीच रहे दो दर्जन से अधिक नाका को भारत सरकार ने ही बंद कर दिया है.

पर्यटकों को नहीं आने का आग्रह

दोनों देशों के बीच सिर्फ चार प्रमुख रास्तों को नेपाल में सामानों की आपूर्ति के लिए खोले रखा गया है. नेपाल तेल, गैस, दवा, खाद्य सामग्री के लिए भारत पर ही पूर्ण रूप से निर्भर है. नेपाल में भारत सहित अन्य किसी भी देश के पर्यटकों को भी नहीं आने का आग्रह किया गया है.

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नेपाल सरकार ने नेपाल के सभी कैसिनो, डांस बार, क्लब, डिस्को, पब, स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, जिम, हेल्थ क्लब आदि सभी को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया है. राजधानी काठमांडु में सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि बहुत ही आवश्यक होने पर ही वो घर से बाहर निकलें.

साथ ही अपने-अपने घरों में सुरक्षित रहने और 25 लोगों से अधिक एक साथ एक जगह पर जमा नहीं होने को कहा गया है.

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