दिल्ली में 31 जुलाई तक होंगे साढ़े पांच लाख केस, चाहिए होंगे 80 हजार बेडः सिसोदिया

डीडीएमए की बैठक के बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि जिस रफ्तार से संक्रमण बढ़ रहा है, उससे लगता है कि 30 जून तक 15 हजार बेड की जरूरत होगी और 31 जुलाई तक 80 हजार बेड की जरूरत होगी. 31 जुलाई तक 5 लाख से अधिक केस हो सकते हैं.

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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2020,
  • अपडेटेड 12:38 PM IST

  • डिजास्टर मैनेजमेंट की बैठक की खत्म
  • सिसोदिया ने उठाया फैसला पलटने का मामला
  • एलजी ने 3 बजे बुलाई सर्वदलीय बैठक

दिल्ली में कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड के खतरे को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल की अगुवाई में मंगलवार को डीडीएमए की बैठक हुई. इस बैठक में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन मौजूद रहे. बैठक के मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगर इसी तरह केस बढ़ते रहे तो 31 जुलाई तक पांच लाख से अधिक कोरोना केस हो जाएंगे.

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इस बैठक में शामिल होने के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा, 'मैंने दिल्ली के अस्पतालों को सभी मरीजों के लिए खोलने का मामला उठाया और एलजी साहब से पूछा कि आखिरी सरकार के फैसले को क्यों पलटा गया. इस पर राज्यपाल साहब कोई जवाब नहीं दे पाएं.'

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा, 'एलजी के फैसले से दिल्लीवालों के सामने संकट खड़ा हो गया है. जिस रफ्तार से संक्रमण बढ़ रहा है, उससे लगता है कि 30 जून तक 15 हजार बेड की जरूरत होगी और 31 जुलाई तक 80 हजार बेड की जरूरत होगी. 31 जुलाई तक 5 लाख से अधिक केस हो सकते हैं.'

3 बजे होगी सर्वदलीय बैठक

डिजास्टर मैनेजमेंट की बैठक के बाद उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दोपहर 3 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में कोरोना के मौजूदा हालात और इसे रोकने के उपायों पर चर्चा की जाएगी. इस बैठक में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेता शामिल हो सकते हैं.

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उपराज्यपाल ने बदला केजरीवाल का आदेश

सीएम अरविंद केजरीवाल के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वालों के इलाज वाले आदेश को अभी 24 घंटे ही हुए थे कि राजधानी के सुपर बॉस यानी उपराज्यपाल ने फरमान पलट दिया. एलजी अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री के आदेश पर रोक लगा दी. उपराज्यपाल ने दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन की हैसियत से सीएम के फैसले पर वीटो लगाया.

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अब दिल्ली के अस्पतालों में सभी लोगों का इलाज होगा यानि बाहर से आने वाले भी जगह खाली होने पर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे. इधर उपराज्यपाल ने फैसला बदला, उधर दिल्ली सरकार खफा हो गई. सीएम केजरीवाल ने तुरंत ट्वीट कर इसे दिल्ली वालों के लिए नई मुसीबत बताया

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सीएम अरविंद केजरीवाल ने लिखा, 'एलजी साहब के आदेश ने दिल्ली के लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या और चुनौती पैदा कर दी है. देशभर से आने वाले लोगों के लिए कोरोना महामारी के दौरान इलाज का इंतजाम करना बड़ी चुनौती है. शायद भगवान की मर्जी है कि हम पूरे देश के लोगों की सेवा करें. हम सबके इलाज का इंतजाम करने की कोशिश करेंगे.'

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आम आदमी पार्टी के इस गुस्से को बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने और भड़का दिया है. गंभीर ने तंज कसते हुए ट्वीट किया, 'दिल्ली सरकार के दूसरे राज्यों के मरीजों का इलाज नहीं करने के मूर्खतापूर्ण आदेश को खत्म करने के लिए एलजी का उत्कृष्ट कदम! भारत एक है और हमें मिलकर इस महामारी से लड़ना है! इंडिया फाइट अगेंस्ट कोरोना.'

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