कांग्रेस भले ही फंड की कमी से जूझ रही हो, लेकिन उसने अपने कर्मचारियों को दिवाली का 'तोहफा' देने में कोई कोताही नहीं की है. कांग्रेस ने अपने कर्मचारियों को दिवाली के मौके पर 55 दिन की तनख्वाह का 'बोनस' दिया है.
राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि चंदे में गिरावट की वजह से कर्मचारियों की दिवाली फीकी रह सकती है. पहले का इतिहास बताता है कि बंपर चुनावी जीत पर भी बोनस मिलता था, जो 2013 से पार्टी को मिली नहीं है.
सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी के सामने जब ये बात आई तो उन्होंने कर्मचारियों के बोनस में किसी तरह की कमी नहीं करने का निर्देश दिया. गौरतलब है कि इंदिरा गांधी के जमाने से ही पार्टी दफ्तर और अन्य जगहों पर काम करने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों को पार्टी की तरफ से दिवाली के मौके पर बोनस दिया जाता है.
बहरहाल पार्टी के खजाने की खस्ताहालत देखकर इस बार कुछ संशय था कि कर्मचारियों को बोनस मिल पाएगा या नहीं, लेकिन पार्टी ने अपनी परंपरा कायम रखी है. पार्टी को उम्मीद है कि इस कदम से 2019 के चुनाव से पहले उसके कर्मचारियों का उत्साह बढ़ेगा.
कांग्रेस के मीडिया विभाग में सचिव प्रणव झा ने बताया, 'इंदिरा गांधी के जमाने से यह प्रथा चलती आ रही है. दिवाली पर हम बोनस अपने कर्मचारियों को देते रहे हैं. राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद यह पहली दिवाली थी. यह बात सही है कि हमें हमारे पास फंड की कमी है और हम चुनाव लड़ने के लिए जनता से पैसा मांग रहे हैं. मगर राहुल गांधी ने कर्मचारियों के बच्चों के लिए उनके और उनकी दिवाली में रौनक हो इसके लिए फैसला लिया. इसलिए उनको बोनस देने का फैसला लिया गया है.'
कुमार विक्रांत / वरुण शैलेश