केंद्र में मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर सरकार ने रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष को करारा जवाब देने की तैयारी की है. केंद्र सरकार चार साल पूरे होने पर नौकरियों का डेटा रिलीज करेगी.
मोदी सरकार के चार पूरे होने का सेलिब्रेशन कैसा होना चाहिए इसके लिए पीएम मोदी ने चार केंद्रीय मंत्रियों की एक कमेटी बनाई हैं. इस कमेटी में नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल हैं.
कमेटी ने इसके लिए सभी मंत्रालयों को खत लिखकर रोजगार के आंकड़े देने को कहा है. इसके लिए बकायदा हर मंत्रालय से रोजगार का वास्तविक डेटा मंगाया गया है. हर मंत्रालय को कहा गया है कि हर सेक्टर, हर डिपार्टमेंट और पीएसयू में सृजित हुए रोजगार के आंकड़े मांगे गए हैं. सरकार ये सब डेटा चार साल पर जारी करके रोजगार पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी.
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि श्रम मंत्रालय अनुसार के हाल ही में रोजगार के मुद्दे पर सरकार के लिए अच्छी खबर आई है. आंकड़ों के मुताबिक, 6 महीने में पैदा हुए रोजगार के आंकड़े सरकार के लिए उत्साह जनक है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2017 से फरवरी 2018 के दौरान रोजगार के अवसर बढ़े हैं. देश में गैर कृषि क्षेत्र में 31.1 लाख लोगों ने EPF के खाते खोले. मतलब 6 महीने में 31 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं.
संतोष गंगवार के अनुसार मोदी सरकार के चार पूरे होने पर उनके मंत्रालय के द्वारा मोदी सरकार में 4 करोड़ से ज़्यादा लोगों को नौकरियां या रोजगार दिए गए हैं.
कमेटी ने तय किया हैं सरकार की चार साल की योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार प्रसार में क्षेत्रीय भाषाओं पर ज़्यादा फोकस रहेगा. इससे सरकार की गरीब कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी ज़्यादा से ज़्यादा आम आदमी तक पहुंच सके. सूत्रों के अनुसार कमेटी की अगली बैठक बुधवार शाम को है.
केशवानंद धर दुबे / मोनिका गुप्ता / हिमांशु मिश्रा