दशहरा और मोहर्रम के बाद बिहार के तकरीबन एक दर्जन जिलों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति के लिए बीजेपी ने सीधे तौर पर नीतीश कुमार सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. बीजेपी ने आरोप लगाया कि जब सरकार को पता था कि दशहरा और मोहर्रम का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा और इसकी तैयारी 2 महीने पहले से ही शुरु कर दी थी, फिर क्यों बिहार सरकार सांप्रदायिक तनाव की स्थिति को रोकने में नाकाम रही.
बीजेपी नेता सुशील मोदी ने सवाल उठाया कि '2 महीने की तैयारी के बावजूद सरकार जमीन पर सांप्रदायिक तनाव को रोकने में पूरी तरीके से फेल हो गई. आखिर क्यों तैयारी के बावजूद इतने सारे जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई?'
बीजेपी ने मांग की है जिन जिलों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है वहां के डीएम और एसपी को तुरंत हटाया जाए औरत उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए. बीजेपी ने भोजपुर जिले में शाहबाद रेंज के डीआईजी मोहम्मद रहमान पर आरोप लगाया कि उन्होंने सांप्रदायिक तनाव को रोकने के बजाए उसको बढ़ावा दिया इस वजह से उन्हें वहां से तुरंत हटाया जाए. सुशील मोदी ने कहा कि 'ऐसा पहली बार हुआ है कि बिहार के इतने सारे जिलों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति एक साथ उत्पन्न हो गई है और सरकार को पटना से स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए अनुभवी अधिकारियों को भेजना पड़ रहा है.'
बीजेपी नेता सुशील मोदी ने मांग की बिहार सरकार तुरंत एकतरफा कार्यवाही बंद करे और एक सर्वदलीय जांच समिति का गठन करें सभी सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं की जांच करें और अपनी रिपोर्ट दे. दूसरी तरफ जनता दल यूनाइटेड ने तमाम सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा 'सभी सांप्रदायिक घटनाओं के पीछे बीजेपी का हाथ है और सुशील मोदी अपने बयानों से और तनाव और आतंक फैला रहे हैं.'
सबा नाज़ / रोहित कुमार सिंह