कोरोना से लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन की देशबंदी का ऐलान कर दिया है. मतलब पूरे तीन हफ्ते तक देश में संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा. इस आदेश के बाद लोगों में हड़कंप मच गया. भारी संख्या में लोग बाजार का रुख करने लगे. रात में ही राशन और दूध की दुकानों पर लंबी-लंबी लाइनें लग गईं. बिहार के कटिहार जिले में अनाज से लेकर सब्जी मंडियों तक कालाबाजारी देखने को मिली. जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
कटिहार के न्यू मार्केट में ज्यादातर समान ऊंची कीमतों पर बेचे जा रहे हैं. इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन ने अधिकारी को नियुक्त किया है. लेकिन दुकानदारों पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है. 60 रुपये किलो की दाल 80 रुपये किलो में बिक रही है. दुकानदार 25 रुपये किलो बिकने वाले आटे को 40 और 50 रुपये किलो में बेच रहे हैं. तेल और साबुन जैसी चीजों के दाम भी महंगे कर दिए गए हैं.
लॉक डाउन में खाद्यान्न की कीमत में उछाल
बिहार के कटिहर में दुकानदार आटा, चावल, दाल और दूसरे खाने-पीने वाले सामान दोगुने दामों पर बेच रहे हैं. जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ऐसे ही एक खरीददार अंसारी ने आजतक से कहा, "खाने-पीने की चीजों के दाम काफी बढ़ गए हैं. 60 रुपये की चीज 80 रुपये में बेची जा रही है. इतना ही नहीं लोगों पर लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है. बड़ी तादाद में लोग घरों से निकल कर बाजार में आ रहे हैं. ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है."
दोषियों के खिलाफ सख्त हुआ प्रशासन
वहीं कटिहार के डीएम कंवल तनुज कहना है कि कालाबाजारी को रोकेने लिए कई ऑफिसर तैनात किए गए हैं. बार-बार अनाउंसमेंट करके लॉकडाउन और कोरोना वायरस के खतरे से कैसे अपने और अपने परिवार को बचाया जाए. इससे लोगों को अवगत कराया जा रहा है. डीएम ने कहा कि किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाही होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
aajtak.in