BHU मामला: VC ने दिए न्यायिक जांच के आदेश, कैंपस की लड़कियों को मिलेगा सुरक्षा का जिम्मा

विश्वविद्यालय में कथित लैंगिक पक्षपात पर बीएचयू के कुलपति ने कहा कि क्या यह गलत है कि हम अपने लड़कों की तुलना में अपनी लड़कियों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह सभी जगह हो रहा है लेकिन बीएचयू हाइलाइट हो जाता है.

Advertisement
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (फाइल फोटो) बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)

हिमांशु मिश्रा

  • वाराणसी,
  • 26 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 7:07 PM IST

बीएचयू मामले में वहां के कुलपति जी सी त्रिपाठी ने न्यायिक जांच की घोषणा की है. यह न्यायिक जांच इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी एस दीक्षित के नेतृत्व में होगी. इस मौके पर बीएचयू के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा, "अफवाहें फैलने के कारण प्रदर्शन हुआ और बाहरी लोग इसमें संलिप्त थे. हमें संस्थानों की गरिमा का भी सम्मान करना होगा. मुझे विश्वास है कि संस्था इस मुद्दे को हल करने में सक्षम है. इस घटना से प्रशासन भी निराश हुआ है. हम स्थिति को बेहतर बनाने और भविष्य में ऐसी घटना को रोकने के लिए किसी भी सुझाव का स्वागत करने के लिए तैयार हैं."

Advertisement

आज तक के साथ हुई खास बातचीत में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा, "बीएचयू में सबसे पहले हमने कैंपस में 65 सेंसटिव जगह को चिन्हित किया. वहां सीसीटीवी लगाया जाना था. जब सीसीटीवी लगाना शुरू किया गया तो कुछ स्टूडेंट ने प्राइवेसी (निजता) को लेकर सीसीटीवी का विरोध किया. जब वाई फाई लगाने की बात हुई तो सबसे पहले हमने महिला कॉलेज में लगाया."

विश्वविद्यालय में कथित लैंगिक पक्षपात पर बीएचयू के कुलपति ने कहा कि क्या यह गलत है कि हम अपने लड़कों की तुलना में अपनी लड़कियों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह सभी जगह हो रहा है लेकिन बीएचयू हाइलाइट हो जाता है. उन्होंने कहा, "बात डिस्क्रिमिनेशन की हो रही है तो हम कहते हैं कि हमारे लिए दोनों समान नहीं... महिलाएं पुरुष से बड़ी हैं. ये देश की संस्कृति है. राधा-कृष्ण, सीता-राम पहले लिया जाता है."

Advertisement

हॉस्टल में कर्फ्यू टाइम पर अपनी बात रखते हुए वीसी ने कहा, "आप कहते हैं कि रात आठ बजे के बाद कोई नहीं निकलता है. हम आपको बताते हैं कि जहां मामला हुआ वहां साढ़े 8 से 9 बजे तक लड़कियां खेलती हैं. वहां आज तक कोई परेशान नहीं हुआ है. यह कहना भी गलत है कि हम रात आठ बजे के बाद छात्राओं को बाहर नहीं निकलने देते. लड़कियां 8 बजे हॉस्टल में आ जाएं, इस बात पर ज्यादातर अभिभावकों ने सहमति जताई. कुछ प्रतिशत लड़कियां ही मना करती हैं. लड़कियों की सुरक्षा ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी है. हम उनकी सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतित हैं. क्या ये गलत है. 8 और 10 की टाइमिंग इसलिए हमने सेट किया है."

उन्होंने आगे कहा कि कैंपस में छात्र-छात्राओं के अलावा शहर के लोग, अस्पताल के लोग, मंदिर के लोग भी आते हैं. लाखों लोग आते हैं लेकिन हमारे लिए स्टूडेंट की सुरक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण है.

कैंपस में सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "हमारे बीएचयू में सिक्योरिटी गार्ड लगाने का ये नियम है कि सेना का पूर्व सैनिक होना चाहिए पर हमें महिलाएं नहीं मिलतीं. अब हम अपनी ही लड़कियों को ही गार्ड बनाने की बात कर रहे हैं. पढ़ाई के साथ उनकी कमाई भी होगी इसलिए हमलोग अपनी ही लड़कियों को गार्ड बनाने की तैयारी कर रहे हैं."

Advertisement

वार्डन से बात कर रात 8 बजे के बाद बाहर जाती हैं लड़कियां

वीसी ने बातचीत के दौरान कहा, "हमारे लिए लड़कियों की सुरक्षा ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी है इसलिए लड़कियों को हॉस्टल शाम 8 बजे तक आ जाना चाहिए. ये नियम पहले से चला आ रहा है. लेकिन कुछ लड़कियों को आठ बजे भी जाना होता है तो वो अपने वार्डन को बता कर जाती हैं."

पीड़ित छात्रा से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा, "ये गलत है कि मैं छात्रा से नहीं मिला हूं. मैं उस छात्रा से मिला हूं, उसके परिवार से  भी मिला हूं. उसकी सहेलियों से भी मिला हूं.

घटना के पीछे कोई साजिश

वीसी ने कहा, "मुझे लगता है इसके पीछे कोई साजिश है. इसको जानबूझकर राजनेतिक रंग देने दिया गया है. इसमें साजिश इसलिए भी लगती है क्योंकि जिस जगह पर प्रदर्शन हुआ वहां से प्रधानमंत्री जी को जाना था."

उन्होंने आगे कमिश्नर की रिपोर्ट के बारे में बात करते हुए कहा, "पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट की मैंने देखी नहीं हैं इसलिए इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है. जिस वक्त ये घटनाक्रम चल रहा था मैं पुलिस कमिश्नर और डीएम के साथ लगातार बातचीत कर रहा था. सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है. जिन पर संदेह है उनकी फोटो छात्रा को दिखाया जा रहा है. जो भी दोषी हैं उन्हें सजा जरूर मिलेगी. जो भी दोषी होगा उसको बक्शा नहीं जाएगा. कैंपस में बाहर के लोग नहीं आएं इसके लिए हम जिला प्रशासन से बात कर रहे हैं."

Advertisement

किसी ने छुट्टी पर जाने के लिए नहीं कहा

वीसी ने कहा, "मेरी इस विषय पर घटनाक्रम के शुरुआत से एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जवाड़ेकर से बातचीत हो रही है. मैंने उन्हें मामले पर एक रिपोर्ट भी दी है. मुझे किसी ने छुट्टी पर जाने के लिए नहीं कहा हैं मेरे लिए इशारा ही काफी होगा."

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement