खुद को सैनिक बताकर सेना में भर्ती का देता था झांसा, वाराणसी से गिरफ्तार

ये शख्स सेना की वर्दी में अपनी फोटो दिखाकर युवकों को जाल में फंसाता था. कई मौकों पर वो सैनिक की वर्दी में भी सामने आया. संदिग्ध ने कुछ युवकों को फर्जी एडमिट कार्ड और फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंपे.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली ,
  • 27 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:51 PM IST

  • मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर यूपी एसटीएफ ने संदिग्ध को पकड़ा
  • सेना में भर्ती होने वाली रैलियों में पक्का चयन कराने का देता था झांसा
  • 2017 में भी असम में ऐसे ही अपराध में 6 महीने की जेल काट चुका आरोपी
यूपी पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो खुद को सैनिक बताकर युवाओं को सेना में भर्ती कराने का झांसा देता था. मिलिट्री इंटेलीजेंस के इनपुट पर 22 वर्षीय रवि यादव को शुक्रवार सुबह वाराणसी से गिरफ्तार किया गया. हैरानी की बात ये है कि ये शख्स 2017 में असम में ऐसे ही अपराध में छह महीने की जेल काट चुका है.

रवि यादव खुद को रवि कुमार या ओम यादव बता कर असली पहचान छुपाए रखता था. ये सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं से संपर्क साध कर उन्हें वाराणसी और आसपास सेना में भर्ती होने वाली रैलियों में पक्का चयन कराने का झांसा दे कर पैसे लेता था. इसके लिए वो पांच लाख रुपए तक की मांग करता था.

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सेना में सेलेक्शन का दिलाता था भरोसा

मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआई) टीम को इस साल जुलाई/अगस्त में ऐसे इनपुट मिले कि कोई शख्स खुद को '39 जीटीसी, वाराणसी' में पोस्टेड सैनिक बता कर युवकों को सेना की भर्ती रैलियों में पक्का सेलेक्शन कराने की बात कर रहा है. एमआई टीम ऐसे ही कुछ युवकों से संपर्क साधा जिन्हें अतीत में भर्ती के नाम पर रवि यादव धोखा दे चुका था.

बताया गया है कि ये शख्स सेना की वर्दी में अपनी फोटो दिखाकर युवकों को जाल में फंसाता था. कई मौकों पर वो सैनिक की वर्दी में भी सामने आया. संदिग्ध ने कुछ युवकों को फर्जी एडमिट कार्ड और फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंपे. ये जाल में फंसने वाले युवकों से नकद ही पैसा लेना पसंद करता था. कई मौकों पर इसने दूसरों के बैंक खातों में भी पैसे ट्रांसफर कराए.

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कैसे करता था ठगी?

रवि यादव शातिर की तरह अपने मोबाइल नंबर बदलता रहता था. उसने नेपाल के मोबाइल का भी इस्तेमाल किया. बताया गया है कि ये कभी किसी को अपनी असली पहचान या असली पता नहीं बताता था.  एमआई टीम उन सभी जगहों पर गई जहां पहले उसे देखा गया. आखिरकार सितंबर में संदिग्ध की पहचान रवि यादव के तौर पर हुई जो 'बसंत इंटरमीडिएट कॉलेज, राजघाट, वाराणसी' के परिसर में अपने माता-पिता के साथ एक कमरे के आउटहाउस में रहता था. इसी शिक्षण संस्थान में रवि के पिता माली के तौर पर कार्यरत हैं.

एमआई टीम ने यूपी पुलिस के साथ रवि यादव से जुड़ी जानकारी साझा की. इसके बाद एमआई और एससटीएफ (वाराणसी) की साझा टीम बनाई गई. एसटीएफ ने कॉलेज के पास निगरानी रखना शुरू किया.

मामला दर्ज

इस बीच रवि यादव की धोखाधड़ी का शिकार बने कुछ युवकों की ओर से 26 सितंबर को कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में FIR (No-1254/2019) दर्ज कराई गई. संदिग्ध के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 506 के तहत केस दर्ज किया गया. रवि यादव को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया. इसके पास तलाशी में मोबाइल के साथ तीन रबर स्टांप, सेना की वर्दी और बैज बरामद किए गए.

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