हैदराबाद में महिला डॉक्टर से हुई हैवानियत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. सोमवार को यह मुद्दा संसद के दोनों सदनों में उठा. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा में सभापति वैंकैया नायडू ने भी महिलाओं के खिलाफ अपराध पर चिंता जताई. संसद के दोनों ही सदनों में गैंगरेप मुद्दे पर चर्चा की गई. इस दौरान एआईएडीएमके की एक सांसद अपनी बात रखते वक्त भावुक हो गईं और कहा कि भारत बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं है.
दरअसल, एआईएडीएमके की विजिला सत्यानंद चर्चा के दौरान भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए भारत सुरक्षित नहीं रहा. उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कठोर सजा की मांग करते हुए कहा, महात्मा गांधी ने कहा था कि जब आधी रात को महिलाएं बिना किसी डर के आ जा सकेंगी, तब ही वास्तविक स्वतंत्रता होगी. विजिला ने नशीली दवाओं को इस तरह की घटनाओं का एक कारण बताते हुए इन पर रोक लगाने, बलात्कार के मामलों की शीघ्र सुनवाई करने, दोषी को मृत्युदंड देने और सजा पर तामील की भी मांग की.
जया बच्चन क्या बोलीं?
वहीं, समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सदस्य जया बच्चन ने कहा कि चाहे निर्भया हो या कठुआ, सरकार को उचित जवाब देना चाहिए. जिन लोगों ने ऐसा किया, उनकी सार्वजनिक तौर पर लिंचिंग करनी चाहिए. जिन पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती है, उनका नाम सार्वजनिक किया जाना चाहिए और उनको शर्मिंदा करना चाहिए.
राज्यसभा में जया बच्चन ने कहा कि ऐसे मामलों पर मैं पता नहीं कितनी बार बोल चुकी हूं, सरकार को अब कार्रवाई करनी चाहिए. एक दिन पहले ही हैदाराबाद में उसी जगह हादसा हुआ था. कुछ देशों में जनता दोषियों को सजा देती है. दोषियों को अब जनता ही सबक सिखाए. उन्होंने कहा कि दोषियों की सार्वजनिक लिंचिंग होनी चाहिए.
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