पिछले 19 साल से लगातार भारत का नंबर वन न्यूज चैनल रहे 'आजतक' के हिंदी जगत के महामंच 'एजेंडा आजतक' के 8वें संस्करण की शुरुआत हो चुकी है. सोमवार को दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में ‘कितना गुलाम-कितना आजाद’ सत्र में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने अपनी बात रखी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता कानून को लेकर मचे बवाल पर कांग्रेस की ओर इशारा किया है, जिसके जवाब में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ये सब सरकार की वजह से हो रहा है. अगर आप ऐसा बिल लाएंगे तो लोग विरोध करेंगे. पूरा हिंदुस्तान जल रहा है. नागरिकता कानून को लेकर जो घटना घट रही है, उसके लिए सीधे तौर केंद्र सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि कानून बनाने वाला मुजरिम है ना कि उसका विरोध करने वाला.
जम्मू कश्मीर को UT बनाना हैरत करने वाला
धारा-370 हटाने को लेकर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कोई हार्ट अटैक से मरता है तो फैमिली को दुख ज्यादा होता है, लेकिन घर में कोई बीमारी से मरता है तो घरवाले मेंटली तैयार रहते हैं. जिस तरह से धारा-370 को हटाया गया, वो हार्ट अटैक था. सदन में किसी भी बिल के लिए एक हफ्ते पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी टाइम निर्धारित करती है. उसके बाद डिस्कशन के लिए सदन के पटल पर दो दिन पहले रखा जाता है और ये वर्किंग डे होता है. लेकिन धारा-370 को लेकर ऐसा कुछ नहीं किया गया.
उन्होंने कहा कि मैं 42 से लोकसभा और राज्यसभा से जुड़ा हूं. मैंने बहुत से प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया, लेकिन पहली बार किसी बिल को पास कराने के लिए ना तो उसे सदन के पटल पर रखा गया और ना ही बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के पास भेजा गया. 370 की हम थोड़ी कल्पना कर सकते थे लेकिन लद्दाख और जम्मू कश्मीर को UT बनाना हैरत करने वाला है. जिस दिन ये बिल सदन में पास हुआ उस दिन मैं राज्यसभा में चार घंटे जमीन पर बैठा रहा, लेकिन टेलीविजन चैनलों ने नहीं दिखाया.
कांग्रेस की सरकार में बहुत बदलाव हुए
उन्होंने कहा कि इसे हटाने की एक प्रक्रिया है. यह तय किया गया था कि आने वाले वक्त में इस पर काम करना था. कांग्रेस की सरकार रहते हुए भी कश्मीर में बहुत से बदलाव किए गए, लेकिन वहां की विधानसभा की अनुमति से सभी बदलवा किया. जो कानून हिंदुस्तान में बना वहां भी लागू हुआ, लेकिन आप 370 हटाने का रास्ता ठीक नहीं चुना है. आज राज्यपाल शासन लगाकर कानून को लागू कर रहे हैं. आप खुद ही सब कुछ तय कर रहे हैं.
जम्मू कश्मीर एक सिंगल स्टेट था
उन्होंने कहा कि 1947 में 12 स्टेट बने थे. जम्मू कश्मीर एक सिंगल स्टेट था. लेकिन आपने उसके टुकड़े कर दिए. आप पूरी फौज लगा कर कहिए वहां प्रदर्शन नहीं हो रहा है. अगर वहां फौज भी हटा दीजिएगा तो किसी को कुछ पता नहीं होगा. वहां के लोगों की उम्मीद मर चुकी है. कश्मीर में डेथ ऑफ एक्सपेक्टेशन वाली स्थिति है.
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