रियो ओलंपिक के महिला सिंगल्स के फाइनल में भले ही पीवी सिंधू को हार मिली हो लेकिन सिंधु ने एक नया इतिहास रच दिया है. सिंधू ओलंपिक में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं. सिंधू की कामयाबी ने पूरे देश को जश्न का मौका दे दिया.
पहले गेम में शानदार प्रदर्शन के बाद सिंधू अगले दो गेम में दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी के साथ अंतिम क्षण तक लड़ी. लेकिन कभी भी बढ़त नहीं बना पाई. दोनों ही गेम में मारिन ने अंतर को बढ़ाए रखा और अंत में तीसरे गेम को 21-15 से जीतकर गोल्ड जीता.
स्पेन की खिलाड़ी पहले गेम में सिंधू पर हावी थीं और उन्होंने 14-10 की बढ़त बना ली थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने वापसी करते हुए 27 मिनट में 21-19 से गेम अपने नाम किया. लेकिन इसके बाद स्पेनिश खिलाड़ी ने लगातार दो गेम जीतकर गोल्ड हासिल कर लिया. दूसरे गेम में मारिन ने अच्छी शुरुआत की और 4-0 की बढ़त ले ली और इसके बाद आसानी से 21-12 से गेम अपने नाम कर मैच तीसरे गेम में ले गईं. यह गेम 22 मिनट तक चला. तीसरे गेम में मारिन ने 21-15 से सिंधू को मात दी. यह गेम 31 मिनट चला.
सिंधू ओलंपिक में मेडल लेने वाली पांचवीं महिला खिलाड़ी बनी. 2000 सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी में 69 किलो वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. 2012 लंदन ओलंपिक में एम सी मैरीकॉम ने 51 किलो फ्लाइवेट में ब्रॉन्ज मेडल जीता. 2012 लंदन ओलंपिक के बैडमिंटन सिंगल्स मुकाबलों में सायना नेहवाल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. 2016 रियो ओलंपिक में कुश्ती में साक्षी मलिक ने 58 किलो में ब्रॉन्ज मेडल जीता. 2016 रियो ओलंपिक में बैडमिंटन के महिला सिंगल्स मुकाबले में गोल्ड मेडल जीता.
सिंधू के नाम पर कई बड़ी उपलबधियां शामिल हैं, जिसमें उन्होंने दो बार 2013, 2014 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता. फिर साल 2013, 2016 में मलेशिया मास्टर्स ग्रांप्री गोल्ड जीता. तीन बार 2013, 2014, 2015 मकाउ ओपन ग्रां प्री गोल्ड जीता, इसके बाद 2014, और 2016 में उबेर कप ब्रॉन्ज, 2014 में एशियन गेम्स टीम ब्रॉन्ज और 2014 में एशियन चैंपियनशिप महिला सिंगल्स ब्रॉन्ज.
सिंधू गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी में प्रैक्टिस करती हैं. पिछले 12 सालों सिंधू गोपीचंद से ट्रैनिंग ले रही हैं. करीब डेढ़ साल पहले ही उन्होंने रियो ओलंपिक की तैयारी शुरु कर दी थी. खेल उन्हें विरासत में मिला उनके माता-पिता वॉलीबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं.