Neeraj Chopra, Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक से पहले नीरज चोपड़ा के लिए अच्छी खबर... ट्रैक में हुआ बदलाव देगा बड़ा फायदा!

ओलंपिक में पहला बार बैंगनी रंग (पर्पल) के एथलेटिक्स ट्रैक का इस्तेमाल किया जाएगा. आमतौर पर आपने देखा होगा कि एथलेटिक्स ट्रैक का कलर किसी चमकदार ईंट जैसा लाल हुआ करता है, लेकिन पेरिस ओलंपिक में ये बैंगनी कलर का रहेगा.

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Neeraj Chopra (@Getty Images) Neeraj Chopra (@Getty Images)

aajtak.in

  • पेरिस,
  • 20 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 6:26 PM IST

Neeraj Chopra, Paris Olympics 2024: ओलंपिक गेम्स की शुरुआत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. इस बार ओलंपिक गेम्स फ्रांस की राजधानी पेरिस में 26 जुलाई से लेकर 11 अगस्त तक होने हैं. पेरिस में ओलंपिक खेलों की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है. पेरिस ओलंपिक के दौरान स्टेड डी फ्रांस स्टेडियम में होने जा रहे एथलेटिक्स इवेंट पर भी सबकी निगाहें रहेंगी. एथलेटिक्स इवेंट में नीरज चोपड़ा समेत दुनिया भर के स्टार एथलीट अपना दमखम दिखाने जा रहे हैं.

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खास बात यह है कि इस बार ओलंपिक में एथलेटिक्स ट्रैक के कलर में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलने जा रहा है. ओलंपिक खेलों के दौरान पहली बार बैंगनी रंग (पर्पल) के एथलेटिक्स ट्रैक का इस्तेमाल किया जाएगा.

आमतौर पर आपने देखा होगा कि ट्रैक का कलर किसी चमकदार ईंट जैसा लाल हुआ करता था, लेकिन अबकी बार ये बैंगनी कलर का दिखेगा. यह नया ट्रैक भारत समते दुनिया भर के एथलीटों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. यह नया मोंडो ट्रैक ओलंपिक गेम्स का में अब तक का सबसे तेज ट्रैक कहा जा रहा है.

मोंडो ट्रैक दुनिया में सबसे तेज माने जाते हैं

इस ट्रैक को इटली स्थित मोंडो ग्रुप ने डिजाइन किया है. साल 1976 के मॉन्ट्रियल ओलंपिक से मोंडो ग्रुप ट्रैक प्रदाता रहा है. पहली नजर में मोंडो ट्रैक एक सख्त कालीन की तरह दिखता है. मोंडो ट्रैक में दो परतें होती हैं और इसकी सतह वल्कनीकृत रबर से बनी होती है, जो बेहतर पकड़ और लचीलापन प्रदान करती है.

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बाहरी सतह के नीचे हवा से भरी गुहाओं की एक परत होती है जो शॉक एब्जॉर्बर के रूप में काम करती है. सरल शब्दों में कहें तो इससे तेज उछाल भी मिलता है. ट्रैक एंड फील्ड के दिग्गज एथलीटों के परामर्श से डिजाइन किए गए मोंडो ट्रैक दुनिया में सबसे तेज माने जाते हैं.

क्या फिर कमाल करेंगे नीरज?

जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा अक्सर भारत में मोंडो ट्रैक बनाने की वकालत करते हैं. नीरज पावर थ्रोअर नहीं हैं और वह अपने शरीर के लचीलेपन पर अधिक निर्भर करते हैं. वह चाहते हैं कि जब वह थ्रो के लिए जाएं तो उनका शरीर स्थिर रहे. वह रोटेशनल थ्रोइंग तकनीक के लिए जाने जाते हैं. मोंडो जैसा ट्रैक उनकी तकनीक के लिए आदर्श है.

मोंडो द्वारा प्रदान की जाने वाली पकड़ भी उनके लिए एक सकारात्मक कारक होगी. नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा था. नीरज ओलंपिक गेम्स के दौरान एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट हैं.

पेरिस ओलंपिक के लिए भारत की 29 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम

पुरुष: अविनाश साबले (3,000 मीटर स्टीपलचेज), नीरज चोपड़ा, किशोर कुमार जेना (भाला फेंक), तेजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट), प्रवीण चित्रवेल, अबदुल्ला अबूबकर (ट्रिपल जंप), अक्षदीप सिंह, विकास सिंह, परमजीत सिंह बिष्ट (20 किमी पैदल चाल), मुहम्मद अनस, मुहम्मद अजमल, अमोज जैकब, संतोष तमिलारासन, राजेश रमेश (4×400 मीटर रिले), मिजो चाको कुरियन (4×400 मीटर रिले), सूरज पंवार (पैदल चाल मिश्रित मैराथन), सर्वेश अनिल कुशारे (ऊंची कूद), जेसविन एल्ड्रिन (लंबी कूद)

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महिला: किरण पहल (400 मीटर), पारुल चौधरी (3,000 मीटर स्टीपलचेज़ और 5,000 मीटर), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), अन्नू रानी (भाला फेंक), अंकिता ध्यानी (5,000 मीटर), ज्योतिका श्री दांडी, सुभा वेंकटेशन, विथ्या रामराज, पूवम्मा एमआर (4×400 मीटर रिले), प्राची (4×400 मीटर), प्रियंका गोस्वामी (20 किमी पैदल चाल).

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