भारतीय क्रिकेट टीम आजादी के बाद पहली बार जब इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट मैच खेलने गई तो उसके नाम एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी.
66 साल पहले आज ही के दिन टीम इंडिया ने एक टेस्ट पारी में बिना कोई रन बनाए 4 विकेट गंवा दिए थे. ये क्रिकेट इतिहास में किसी भी पारी की सबसे खराब शुरुआत का रिकॉर्ड है. जो आज तक कायम है.
बंटवारे के बाद पाकिस्तान गए भारत के कई खिलाड़ी
साल 1952 में भारतीय टीम को जब अंग्रेजों के खिलाफ उनकी ही सरजमीं पर जाकर खेलना था, उस दौरान देश के बंटवारे के बाद कई अच्छे खिलाड़ी पाकिस्तान चले गए. इन खिलाड़ियों में अब्दुल हफीज कारदार, आमिर इलाही और गुल मोहम्मद जैसे खिलाड़ी शामिल थे.
जिसके बाद भारत की टीम कमजोर पड़ गई. विजय हजारे की कप्तानी में टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने उतरी. पहला टेस्ट लीड्स के मैदान पर 5 जून को शुरू हुआ था.
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शून्य के स्कोर पर गंवाए 4 विकेट
इस टेस्ट मैच के तीसरे दिन यानी 7 जून को एक शर्मनाक रिकॉर्ड टीम इंडिया का इंतजार कर रहा था. लीड्स टेस्ट की पहली पारी में टीम इंडिया के 293 रनों के जवाब में इंग्लैंड की टीम ने 334 रन बनाकर 41 रनों की अहम बढ़त हासिल की.
इसके बाद अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम ने अपने शुरुआती 4 विकेट शून्य के स्कोर पर ही गंवा दिए. 141 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ये इकलौता मौका था जब किसी टीम ने पारी की शुरुआत में पहले चार विकेट बिना रन बनाए गंवा दिए हों.
हालांकि इसके बाद कप्तान विजय हजारे (56) और दत्तू फडकर (64) ने अर्धशतक जड़कर टीम इंडिया को शर्मनाक स्कोर पर ऑल आउट होने से बचा लिया टीम इंडिया 165 रन पर ढेर हो गई और इंग्लैंड ने यह मैच 7 विकेट से जीत लिया.
तरुण वर्मा