पिता थे गावस्कर के फैन, टैक्सी चलाकर बनाया बेटे को क्रिकेटर

त्रिनिदाद एंड टोबैगो के अरिमा में 26 मई 1988 को एक रेस्त्रां के टेक्सी ड्राइवर शादीद नरेन के घर में सुनील नरेन का जन्म हुआ था. पिता ने उनको सुनील नाम इसलिए दिया था क्योंकि वे महान भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर के फैन थे.

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सुनील नरेन सुनील नरेन

केशवानंद धर दुबे

  • कोलकाता ,
  • 23 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 7:14 PM IST

वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलने वाले स्टार स्पिन गेंदबाज सुनील नरेन अपने क्रिकेट परफॉर्मेंस से ज्यादा अपनी सादगी भरी जिंदगी के लिए जाने जाते हैं. आईपीएल में 3.55 करोड़ की ऊंची कीमत पर बिकने के बाद भी नरेन एक दो कमरे के छोटे से घर में रहते हैं. सुनील को 2013 में केकेआर ने 3.55 करोड़ रुपए में खरीदा था.

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गावस्कर से प्रभावित होकर पिता ने रखा सुनील नाम
त्रिनिदाद एंड टोबैगो के अरिमा में 26 मई 1988 को एक रेस्त्रां के टेक्सी ड्राइवर शादीद नरेन के घर में सुनील नरेन का जन्म हुआ था. पिता ने उनको सुनील नाम इसलिए दिया था क्योंकि वे महान भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर के फैन थे.

शादीद की गावस्कर के प्रति इतनी ज्यादा दीवानगी थी कि वो अपनी बेटी का नाम भी सुनीली रखना चाहते थे. लेकिन सुनील नरेन की मां क्रिस्टीना को यह पसंद नहीं आया. जब गावस्कर वेस्टइंडीज में क्रिकेट खेलते थे तो शादीद अपने देश का सपोर्ट करने के बजाय भारतीय बैट्समैन को चीयर करते थे.

सुनील को अच्छा क्रिकेटर बनाने के लिए पिता ने किया संघर्ष
पिता शादीद ने सुनील के अंदर छिपी क्रिकेट की रुचि को पहचाना और सात साल की उम्र में उनको क्रिकेट की ट्रेनिंग दिलवानी शुरू कर दी . सुनील नरेन को एक अच्छा क्रिकेटर बनाने के लिए उनके पिता ने बहुत संघर्ष किया था.नरेन के सुपरस्टार क्रिकेटर बनने के बाद भी पिता रेस्त्रां के लिए काम करते थे और बहुत ही सादा जीवन जीते थे.

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सुनील नरेन ने आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से अब तक 72 मैचों में 6.19 की इकोनमी के साथ 89 विकेट चटकाए हैं.

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