भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने ऑलराउंडर रवींद्र जड़ेजा और कमेंटेटर व पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर के बीच हुई जुबानी जंग को उनका व्यक्तिगत मामला बताया है. रोहित ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अलग-अलग समय पर अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त करता है.
रोहित ने कहा, 'एक खिलाड़ी के लिए यह चुनौतीपूर्ण है. इस तरह की भटकाने वाली बातें होंगी, लेकिन हर व्यक्ति की राय अलग है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे उस घटना या स्थिति के बारे में कैसे सोचना चाहते हैं. मेरे लिए, जैसा कि मैंने अभी कहा, मैं चाहता हूं कि मैं इन सब चीजों से दूर रहूं और इंग्लैंड में इस खूबसूरत मौसम का आनंद लूं.'
रोहित ने कहा, 'मेरा परिवार भी यहीं है, इसलिए मैं यह कोशिश करता हूं कि मैं उन सब बातों की बजाय खुद पर ध्यान दूं क्योंकि जब तक आप खेलते रहेंगे तब तक ऐसी चीजें होती रहेंगी.' रोहित ने कहा, 'इसलिए आप इन सब चीजों से दूर रहना चाहते हैं क्योंकि आखिरकार हमारा काम यहां आना, अच्छी क्रिकेट खेलना और वर्ल्ड कप जीतना है. हम सब भी यह जानते हैं.'
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रोहित ने कहा, 'लेकिन, किसी के कान में लगातार चिल्लाते रहना सही नहीं है. इसलिए मुझे लगता है कि एक क्रिकेटर के रूप में हमें अपने काम पर ध्यान देना चाहिए.' आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जाने वाले मैच से पहले मांजरेकर ने कहा था कि वह इंग्लैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद भी कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को अगले मैच में जगह देते.
मांजरेकर ने कहा था कि 'टुकड़े-टुकड़े में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी' से बेहतर स्पेशलिस्ट खिलाड़ी को खिलाना है. उनके इस बयान को जडेजा को केंद्र में रखकर दिया गया माना गया था. इस पर जडेजा ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मांजरेकर से 'बकवास' नहीं करने की सलाह दी थी.
जडेजा ने मांजरेकर से खिलाड़ियों का सम्मान करने को कहा था. मांजरेकर ने बाद में श्रीलंका के साथ हुए मैच के समय जडेजा को स्मार्ट क्रिकेटर बताया.
तरुण वर्मा