पूर्व क्रिकेटर रमीज राजा को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष पद से हटा दिया था. अब राजा की जगह नजम सेठी ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है. पाकिस्तान सरकार ने अगले चार महीनों तक क्रिकेट का संचालन करने के लिए नजम सेठी की अगुवाई में 14 सदस्यीय पैनल की भी नियुक्ति कर दी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह अधिसूचना जारी की.
नजम सेठी ने ट्वीट करके कहा, 'रमीज राजा (Ramiz Raja) के नेतृत्व वाली क्रिकेट समिति अब नहीं रही. 2014 का पीसीबी संविधान बहाल हो गया हैय प्रथम श्रेणी क्रिकेट को पुनर्जीवित करने के लिए मैनेजमेंट पैनल अथक प्रयास करेगी. हजारों क्रिकेटरों को फिर से रोजगार मिलेगा. क्रिकेट का अकाल खत्म हो जाएगा.
सेठी 2013 से 2018 तक पीसीबी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रहे थे. उन्होंने 2018 के आम चुनावों में इमरान की पार्टी की जीत के बाद अपना पद छोड़ दिया था. न्यूजीलैंड के खिलाफ 26 दिसंबर से कराची में शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला से कुछ दिन पहले घटे इस घटनाक्रम पर अभी तक पीसीबी या रमीज ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है.
15 महीनों तक पद पर रहे रमीज
रमीज को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सितंबर 2021 में पीसीबी का अध्यक्ष नियुक्त किया था. वह 15 महीने तक इस पद पर रहे. एहसान मनी के पद छोड़ने के बाद रमीज पीसीबी के 36वें अध्यक्ष बने थे. वह चौथे पूर्व क्रिकेटर थे जिन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उनसे पहले जिन क्रिकेटरों ने यह पद संभाला था उनमें एजाज बट (2008-11), जावेद बुर्की (1994-95) और अब्दुल हफीज कारदार (1972-77) शामिल हैं.
समिति में शाहिद आफरीदी भी शामिल
अधिसूचना में कहा गया है प्रधानमंत्री ने पीसीबी के 2014 के संविधान की समीक्षा की और 2019 से लागू किए गए मौजूदा संविधान को रद्द कर दिया. अधिसूचना के अनुसार सेठी प्रबंधन समिति का नेतृत्व करेंगे जिसमें पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी शाहिद आफरीदी, हारून रशीद, शफकत राणा और महिला टीम की पूर्व कप्तान सना मीर शामिल हैं. समिति के अन्य सदस्यों में 2019 में रद्द किए गए संचालन बोर्ड के पूर्व सदस्य शामिल हैं.
पीसीबी के न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम की घोषणा करने के कुछ घंटों बाद यह अधिसूचना जारी की गई. न्यूजीलैंड की टीम 19 साल बाद टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान का दौरा कर रही है. पाकिस्तान को हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था.
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