18 साल पहले आज ही के दिन क्रिकेट जगत ने खो दिया था 'डॉन'

On This Day in 2001, the cricketing world mourned the death of a legend. 25 फरवरी 2001 को 92 साल की उम्र में निमोनिया की वजह से सर डॉन ब्रैडमैन का जीवन सफर थम गया था.

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Sir Don Bradman passed away at the age of 92. Sir Don Bradman passed away at the age of 92.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 9:14 AM IST

क्रिकेट की पिच के 'डॉन ने 18 साल पहले आज के ही दिन दुनिया को अलविदा कहा था. जी हां! बात हो रही है सर डॉन ब्रैडमैन की. 25 फरवरी 2001 को 92 साल की उम्र में निमोनिया की वजह से उनका 'जीवन सफर' थम गया था. टेस्ट क्रिकेट में न सिर्फ 99.94 का बल्लेबाजी एवरेज उन्हें महान बनाता है, बल्कि उनके कई कारनामे विश्व क्रिकेट को रोमांचित करते हैं.

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ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता में ब्रैडमैन ने 1927-1949 के दौरान 96 पारियों में 110.19 की सर्वोच्च औसत से रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनकी औसत 201.50 रही. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 6 तिहरे शतक लगाए (टेस्ट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 299 रनों पर नाबाद रहे थे, जिससे वह एक और तिहरे शतक से चूक गए थे). उन्होंने 52 टेस्ट की 80 पारियों में 618 चौके लगाए, हालांकि उनके बल्ले से सिर्फ 6 छक्के ही निकले. इस दौरान टेस्ट में उन्होंने प्रत्येक 6.66 पारी में एक दोहरा शतक जड़ा.

सर डॉनाल्ड जॉर्ज ब्रैडमैन का का जन्म 27 अगस्त 1908 को ऑस्ट्रेलिया के कूटामुंड्रा में हुआ था. नवंबर 1928 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकट में पदार्पण किया था. डॉन के लिए वह डेब्यू टेस्ट तो यादगार नहीं रहा, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्बेन में खेले गए उस टेस्ट के दौरान कई दिलचस्प आंकड़े सामने आए.

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डॉन ने 20 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा था. मजे की बात यह है कि उनके साथ डेब्यू कर रहे ब्रेट आइरनमॉन्गर 46 साल के थे. आइरनमॉन्गर उस वक्त ऑस्ट्रेलिया की ओर से टेस्ट पदार्पण करने वाले सबसे बजुर्ग खिलाड़ी थे.

ऑस्ट्रेलिया की ओर से सातवें नंबर पर उतरे डॉन ने पहली पारी में 18 रन बनाए. जबकि दूसरी पारी में छठे नंबर पर 1 रन ही बना पाए. इंग्लैंड ने उस ब्रिस्बेन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी थी. अंग्रेजों ने वह मैच 675 रनों से जीता. दिलचस्प है कि टेस्ट मैच में सर्वाधिक रनों की जीत के मामले में आज भी यह वर्ल्ड रिकॉर्ड है. हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने 1934 में इंग्लैंड को 562 रनों से हराया, लेकिन 675 रनों का आंकड़ा आज भी उससे दूर है.

वो खिलाड़ी जिसकी वजह से 100 का एवरेज पूरा नहीं कर पाए ब्रैडमैन

डॉन ब्रैडमैन केवल चार रनों से टेस्ट क्रिकेट में 100 का प्रतिशत हासिल नहीं कर पाए थे, उनके साथी नील हार्वे पिछले 71 वर्षों से इस अपराध बोध में जीते रहे हैं कि यह महान बल्लेबाज अगर यह विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने से चूक गया, तो वह भी इसके लिए उतने ही जिम्मेदार थे, जितने कि इंग्लैंड के लेग स्पिनर एरिक होलीज.

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ब्रैडमैन जब अपनी आखिरी पारी खेलने के लिए उतरे, तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 100 का प्रतिशत हासिल करने के लिए केवल चार रनों की दरकार थी. इंग्लिश लेगब्रेक गुगली बॉलर एरिक होलीज ने ब्रैडमैन को उनकी अंतिम पारी में शून्य पर बोल्ड कर दिया था और उनका एवरेज 99.94 पर अटक गया. हार्वे को भी तब ऐसा कोई आभास नहीं था, लेकिन अब लगता है कि उन्होंने ब्रैडमैन को आंकड़ों के लिहाज से महत्वपूर्ण आंकड़ा छूने से वंचित किया, यह ब्रैडमैन के आखिरी मैच से एक मैच पहले की घटना है.

लीड्स में खेले गए मैच में तब किशोर हार्वे ने पहली पारी में 112 रन बनाए. वह दूसरी पारी में तब क्रीज पर उतरे, जब ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए केवल चार रनों की दरकार थी और उन्होंने पहली ही गेंद पर चौका जड़कर टीम को जीत दिला दी. ब्रैडमैन उस समय दूसरे छोर पर 173 रन बनाकर खेल रहे थे और अगर यह विजयी चौका उनके बल्ले से निकला होता, तो इस समय उनका एवरेज 100 होता.

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