Misbah ul Haq Scoop Shot: 'वो मेरा ओवर कॉन्फिडेंस था', 2007 फाइनल के स्कूप पर बोले मिस्बाह उल हक

फाइनल में पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आखिरी 4 गेंदों पर 6 रन चाहिए थे और उसकी जीत लगभग तय लग रही थी. लेकिन जोगिंदर शर्मा की ड्रीम बॉल ने भारत को चैम्पियन बना दिया था.

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Misbah (getty) Misbah (getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 4:16 PM IST
  • भारत ने जीता था टी20 वर्ल्ड कप का खिताब 
  • फाइनल में पाकिस्तान के दर्ज की रोमांचक जीत

Misbah ul Haq Scoop Shot: पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मिस्बाह उल हक ने स्वीकार किया है कि भारत के खिलाफ 2007 टी 20 विश्व कप फाइनल में वह ओवर कॉन्फिडेंस का शिकार हो गए थे. यह भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक आइकॉनिक क्षण था जब मिस्बाह ने अंतिम ओवर में जोगिंदर शर्मा की गेंद पर स्कूप शॉट खेलना चाहा.

मिस्बाह शॉट को टाइम नहीं कर सके और श्रीसंत ने शॉर्ट फाइन लेग पर कैच पकड़कर पाकिस्तान का दिल तोड़ दिया था.मिस्बाह उस टी20 वर्ल्ड कप  में बेहतरीन फॉर्म में थे और वह 43 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे जब उन्होंने अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर स्कूप शॉट खेलने का प्रयास किया था.

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हाल ही में मिस्बाह के टीममेट्स शोएब अख्तर और मोहम्मद यूसुफ के साथ बातचीत में उन्होंने 2007 टी 20 विश्व कप फाइनल और 2011 वनडे डब्ल्यूसी सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ अपनी टीम की हार पर चर्चा की. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह ने स्वीकार किया कि वह उस शॉट को मिसटाइम कर बैठे, जिस पर उन्हें उस समय सबसे ज्यादा भरोसा था.

मिस्बाह ने कहा,  '2007 में, मैं हमेशा कहता हूं कि हर खेल में मैंने उस शॉट को खेलते हुए काफी चौके लगाए. यहां तक ​​कि फाइन लेग होने के बावजूद मैं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस शॉट को खेलते हुए सिंगल ले रहा था. स्पिनरों के खिलाफ मैं उस शॉट की मदद से फाइन लेग को बीट कर देता था.' तो, आप कह सकते हैं कि मुझे अति आत्मविश्वास हो गया था, मैंने उस शॉट को मिस टाइम कर बैठा, जिस पर मुझे सबसे ज्यादा भरोसा था.'

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मिस्बाह ने 2011 के एकदिवसीय विश्व कप सेमीफाइनल के बारे में बात की और कहा कि मोहाली की पिच पर पुरानी गेंद से रन बनाना मुश्किल था और यहां तक ​​कि भारत ने भी तेज शुरुआत के बाद संघर्ष किया.

मिस्बाह ने कहा, '2011 में मोहाली की उस पिच पर भारत ने 4 ओवर में लगभग 44 का स्कोर बनाया था. जब गेंद पुरानी हो गई, तो वह रिवर्स और ग्रिप करने लगी, जिसके चलते रन बनाना मुश्किल हो गया. सचिन ने 80-85 न बनाए और वह मैन ऑफ द मैच रहे.भारत उस शुरुआत के बाद संघर्ष कर रहा था.'






 

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