भारत ने तिरुवनंतपुरम वनडे में वेस्टइंडीज को 9 विकेट से मात देकर पांच मैचों की वनडे सीरीज पर 3-1 से कब्जा जमा लिया. भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को 31.5 ओवरों में सिर्फ 104 रनों पर ही ढेर कर दिया था. इस आसान से लक्ष्य को भारत ने 14.5 ओवरों में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया.
इस तरह यह वनडे मैच जो कुल 100 ओवर का होता है. वह 50 ओवर के अंदर ही खत्म हो गया. यह वनडे 46 ओवर तक चला. सीरीज का दूसरा मैच टाई रहा था जबकि तीसरे मैच में विंडीज को जीत मिली थी. भारतीय टीम ने 211 गेंदें बाकी रहते मैच जीता. वनडे में सर्वाधिक गेंदें बाकी रहते मैच जीतने की बात करें, तो टीम इंडिया की यह दूसरी बड़ी जीत है. इससे पहले उसने 2001 में केन्या को ब्लोमफोंटेन में 231 गेंदें शेष रहते मात दी थी.
भारत के लिए सबसे बड़ी जीत (गेंदें शेष रहते)
231 विरुद्ध केन्या, ब्लोमफोंटेन, 2001
211 विरुद्ध वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम, 2018
187 विरुद्ध यूएई, पर्थ, 2015
181 विरुद्ध ईस्ट अफ्रीका, लीड्स, 1975
177 विरुद्ध साउथ अफ्रीका, सेंचुरियन, 2018
पांच मैचों की द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सबसे अधिक रन
515 फखर जमान विरुद्ध जिम्बाब्वे 2018
467 हेमिल्टन मसाकाद्जा विरुद्ध केन्या, 2009
453 विराट कोहली विरुद्ध वेस्टइंडीज, 2018
451 सलमान बट विरुद्ध बांग्लादेश, 2008
448 मोहम्मद हफीज विरुद्ध श्रीलंका, 2013
एक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भारत की लगातार द्विपक्षीय सीरीज जीत
8- विरुद्ध श्रीलंका, 2007 से
8- विरुद्ध वेस्टइंडीज, 2007 से
6- विरुद्ध जिम्बाब्वे 1998 से
4-विरुद्ध इंग्लैंड, 2011-17 तक
भारत के लिए सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 55 गेंदों में पांच चौके और चार छक्कों की मदद से नाबाद 63 रन बनाए. उनके अलावा विराट कोहली ने नाबाद 33 रनों का पारी खेली. शिखर धवन (6) के रूप में भारत ने अपना एकमात्र विकेट खोया. 105 रनों के लक्ष्य हासिल करने के लिए रोहित शर्मा ओर शिखर धवन ने भारतीय पारी की शुरुआत की. धवन (6) ज्यादा कुछ नहीं कर पाए और ओशाने थॉमस के शिकार हुए.
रोहित शर्मा और विराट कोहली तिरुवनंतपुरम वनडे में दूसरे विकेट के लिए 99 रनों की अटूट साझेदारी कर रिकॉर्ड बुक में शामिल हो गए हैं. इस जोडी ने वनडे में 4000 रनों की भागीदारी पूरी की. रोहित ओर विराट ने केवल 66 पार्टनरशिप कर इतने रन हासिल किए, जबकि राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली की जोड़ी को 4000 रनों की पार्टनरशिप पूरी करने के लिए 80 साझेदारियां करनी पड़ी थीं.
वेस्टइंडीज की पारी 104 रनों पर सिमटी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की टीम 31.5 ओवरों 104 रनों पर सिमट गई और टीम इंडिया को जीत के लिए 105 रनों का टारगेट मिला. वेस्टइंडीज के सिर्फ 3 ही बल्लेबाज दोहरे अंकों तक पहुंच पाए हैं. इंडीज टीम के लिए कप्तान जेसन होल्डर ने सबसे ज्यादा 25 रन बनाए. उनके अलावा मार्लोन सैमुअल्स 24 रन और रोवमैन पॉवेल 16 रन ही बना पाए.
यह वेस्टइंडीज का भारत के खिलाफ वनडे में सबसे कम स्कोर है. इससे पहले उसका भारत के खिलाफ सबसे कम स्कोर 121 था जो उसने 27 अप्रैल 1997 को पोर्ट ऑफ स्पेन में बनाया था. भारतीय गेंदबाजों खासकर रवींद्र जडेजा के आगे विंडीज के बल्लेबाज कुछ भी नहीं कर पाए.
जडेजा सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए, उन्होंने अपनी फिरकी के सहारे 9.5 ओवरों में एक मेडन के साथ 34 रन देकर 4 विकेट निकाले. रवींद्र जडेजा ने चार विकेट अपने नाम किए. जसप्रीत बुमराह और खलील अहमद को दो-दो विकेट मिले. भुवनेश्वर कुमार और कुलदीप यादव ने एक-एक विकेट लिया.
वेस्टइंडीज के विकेट्स
वेस्टइंडीज को पहला झटका भुवनेश्वर कुमार ने दिया, जब उन्होंने कीरोन पॉवेल को धोनी के हाथों कैच आउट करवाया. इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने शाई होप को बोल्ड करते हुए मेहमान टीम को दूसरा झटका दे दिया.
मार्लोन सैमुअल्स को रवींद्र जडेजा ने कोहली के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन भेज दिया. इसके बाद शिमरोन हेटमेयर भी एलबीडब्ल्यू के रूप में रवींद्र जडेजा का दूसरा शिकार बन गए.
खलील अहमद ने ओपनिंग बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल (16) को अपनी शॉर्ट बॉल से मिडविकेट पर खड़े शिखर धवन के हाथों कैच करा दिया.
फेबियन एलीन (4) को बुमराह ने अपना दूसरा शिकार बनाया. इसके बाद मुंबई में विंडीज टीम की ओर से फिफ्टी जड़ने वाले होल्डर (25) यहां भी टीम को संकट से उबारने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन खलील की गेंद पर वह केदार जाधव को आसान सा कैच देकर आउट हो गए.
32वें ओवर में इंडीज के आखिरी दो विकेट गिरे. रवींद्र जडेजा ने केमार रोच (5) और ओशाने थॉमस (0) को क्रमश: आउट किए. जडेजा सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए, उन्होंने अपनी फिरकी के सहारे 9.5 ओवरों में एक मेडन के साथ 34 रन देकर 4 विकेट निकाले.
वेस्टइंडीज ने चुनी पहले बैटिंग
वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है और टीम इंडिया को गेंदबाजी दी है. भारतीय टीम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसके अलावा वेस्टइंडीज की टीम में दो बदलाव हुए हैं, एश्ले नर्स की जगह देवेंद्र बिशू और चंद्रपॉल हेमराज की जगह ओशाने थॉमस को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है.
पिछली बार जनवरी 1988 में तिरुवनंतपुरम के यूनिवर्सिटी स्टेडियम में वनडे मुकाबला खेला गया था, जिसमें इंडीज की टीम ने 9 विकेट से बाजी मारी थी. उस समय वेस्टइंडीज की टीम काफी मजबूत मानी जाती थी. भारत ने पिछली बार घरेलू वनडे सीरीज 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंवाई थी और तब से स्वदेश में उसका अजेय अभियान जारी है. भारत अभी पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे है, जिसका एक मैच टाई भी रहा.
प्लेइंग इलेवन:
भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, अंबति रायडू, महेंद्र सिंह धोनी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद, केदार जाधव.
वेस्टइंडीज: जेसन होल्डर (कप्तान), फेबियन एलेन, देवेंद्र बिशू, शिमरोन हेटमेयर, शाई होप, कीमो पॉल, रोवमैन पॉवेल, ओशाने थॉमस, केमार रोच, कीरोन पॉवेल और मार्लोन सैमुअल्स.
तरुण वर्मा