इंग्लैंड में 'हंड्रेड' पर माथापच्ची, कोरोना से नुकसान के बाद बोर्ड ने निकाली ये तरकीब

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के प्रमुख टॉम हैरिसन ने कहा है कि कोरोना वायरस के कारण हुए वित्तीय नुकसान को देखते हुए विवादास्पद ‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट का आयोजन अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.

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EEngland and Wales Cricket Board (ECB) -The new 100-balls-per-side format EEngland and Wales Cricket Board (ECB) -The new 100-balls-per-side format

aajtak.in

  • लंदन,
  • 28 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 11:35 AM IST

  • 100 गेंदों वाले प्रारूप की हो चुकी है आलोचना
  • बुधवार को बैठक में ईसीबी फिर उठाएगा मुद्दा

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के प्रमुख टॉम हैरिसन ने कहा है कि कोरोना वायरस के कारण हुए वित्तीय नुकसान को देखते हुए विवादास्पद ‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट का आयोजन अधिक महत्वपूर्ण हो गया है. ईसीबी ने पिछले सप्ताह अपने 2020 सत्र के शुरुआत की समयसीमा बढ़ाकर एक जुलाई कर दी थी. अब उसकी बुधवार को बैठक होगी जिसके एजेंडा में ‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट भी शामिल है.

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‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट में प्रत्येक टीम को 100 गेंदें खेलने का अवसर मिलेगा. यह क्रिकेट में नया प्रारूप है, जिसकी कड़ी आलोचना भी हुई. इस टूर्नामेंट में इंग्लिश क्रिकेट की 18 प्रथम श्रेणी काउंटी के बजाय आठ फ्रेंचाइजी टीमें भाग लेंगी.

ईसीबी परिस्थितियां अनुकूल होने पर जुलाई में इसकी शुरुआत कर सकता है. ईसीबी के अधिकारी लंबे समय से कहते रहते हैं कि यह नया टूर्नामेंट इस खेल से नए दर्शकों को जोड़ सकता है, जो कि क्रिकेट के भविष्य के लिए जरूरी है.

कोविड-19 के कारण लगी पाबंदियों, विदेशी खिलाड़ियों को लाने की मुश्किलों और आर्थिक संकट के समय इसकी शुरुआत पर होने वाले खर्चों को देखते हुए इसके आयोजन में देरी की संभावना बन गई है.

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हैरिसन ने कहा, ‘हम देखेंगे कि परिस्थितियां किस तरह से ‘हंड्रेड’ को प्रभावित करती हैं. इस टूर्नामेंट की परिकल्पना खेल में नए दर्शकों को जोड़ने के उद्देश्य से की गई थी.’ लेकिन स्टेडियम के माहौल और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों (के खेलने को लेकर संशय) के कारण यह काफी मुश्किल होगा.’

इंग्लिश क्रिकेट में शुरू से ही कुछ लोग ‘हंड्रेड’ का विरोध करते रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि पहले ही व्यस्त कार्यक्रम के बीच इस नए प्रारूप के लिए जगह बनाना मुश्किल होगा. उनका मानना है कि मौजूदा टी20 ब्लास्ट को और बेहतर करके ईसीबी अपने कई उद्देश्यों को हासिल कर सकता है.

लेकिन इस नए टूर्नामेंट की शुरू से पुरजोर वकालत करने वाले हैरिसन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह अधिक महत्वपूर्ण बन गया है. उन्होंने कहा, ‘वर्तमान संकट में हंड्रेड अधिक महत्वपूर्ण बन गया है. इसलिए मुझे नहीं लगता कि किसी भी तरह से हंड्रेड का पक्ष कमजोर पड़ गया है. इसके बजाय मौजूदा परिस्थितियों में इसका पक्ष मजबूत बन जाता है.’

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यहां तक कि महामारी फैलने से पहले ईसीबी ने स्वयं अनुमान लगाया था कि पहले पांच वर्षों में ‘हंड्रेड’ से नुकसान होगा. पहले साल की लागत पांच करोड़ 80 लाख पाउंड आंकी गई थी, जबकि इससे पांच करोड़ दस लाख की आय का अनुमान लगाया गया था. लागत में प्रत्येक काउंटी को 13 लाख पाउंड की धनराशि देना भी शामिल है.

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ऐसे में ‘हंड्रेड’ का आयोजन नहीं करने से ईसीबी अभी अपने कुछ लाख पाउंड बचा सकता है, लेकिन हैरिसन ने कहा कि आने वाले समय में यह आय का अच्छा स्रोत बन जाएगा और वर्तमान के काउंटी ढांचे को बनाए रखने में मदद करेगा.

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