इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के बल्लेबाजों का लचर प्रदर्शन जारी है. ओवरकास्ट कंडीशंस में भारतीय बल्लेबाजों के पास आग उगलते इंग्लिश गेंदबाजों के सामने कोई जवाब नहीं था.
दूसरी पारी में भी निकला दम
पहली पारी में 107 रनों पर ही ढेर होने के बाद दूसरी पारी में भी विराट के धुरंधर मिट्टी के शेर साबित हुए. लेकिन इन सबके बीच टीम इंडिया के एक बल्लेबाज ने जज्बा दिखाते हुए अंग्रेज गेंदबाजों का डटकर सामना किया.
वह बल्लेबाज और कोई नहीं बल्कि चेतेश्वर पुजारा हैं, जिन्हें विराट कोहली ने बर्मिंघम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में ड्रॉप किया था और जिसका खामियाजा टीम इंडिया को मैच गंवा कर भुगतना पड़ा.
आग उगल रहे थे इंग्लिश गेंदबाज, खड़े रहे पुजारा
बारिश से बाधित टेस्ट मैच के चौथे दिन दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और सलामी बल्लेबाज मुरली विजय खाता खोले बिना जेम्स एंडरसन की गेंद पर विकेटकीपर जॉनी बेयर्सस्टो को कैच देकर पवेलियन लौट गए. विजय जब आउट हुए उस समय भारतीय टीम का खाता भी नहीं खुला था.
इसके बाद बल्लेबाजी के लिए आए चेतेश्वर पुजारा ने जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ड ब्रॉड की घातक गेंदबाजी का सामना करते हुए भारत को संभालने की कोशिश की. पुजारा ने लोकेश राहुल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 13 रन जोड़े. उसके बाद अजिंक्य रहाणे के साथ मिलकर 22 रनों की साझेदारी की. रहाणे के साथ छोड़ने के बाद उन्होंने कप्तान कोहली के साथ भी 15 रन की पार्टनरशिप की.
रन आउट होना पड़ा भारी
लॉर्ड्स की जिस पिच पर भारतीय बल्लेबाजों का खड़ा होना मुश्किल था उस पर पुजारा ने 87 गेंदों का सामना किया. हालांकि इस दौरान उन्होंने 17 रन ही बनाए, लेकिन उस समय रन बनाने से ज्यादा जरूरी विकेट पर टिकना था.
पुजारा की बात करें तो पहली पारी में कप्तान विराट कोहली की गलत कॉल की वजह से उन्हें रन आउट होकर अपना विकेट गंवाना पड़ा, नहीं तो भारत की पहली पारी की तस्वीर कुछ और ही होती.
नंबर तीन पर भारतीय टीम के लिए काफी अहम भूमिका निभाने वाले पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 59 मैचों की 99 पारियों में 49.45 की औसत से 4549 रन बनाए और उनका उच्चतम स्कोर 206 रन रहा है.
तरुण वर्मा