'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' ने 30 साल में ही छोड़ दिया था इंटरनेशनल क्रिकेट

फैंस के दिलों पर राज करने वाले इस 'बंबइया' क्रिकेटर ने महज 30 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

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रवि शास्त्री रवि शास्त्री

विश्व मोहन मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2018,
  • अपडेटेड 8:11 AM IST

1985 की बेंसन एंड हेजेज वर्ल्ड चैंपियनशिप में 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' बनकर छाए रवि शास्त्री आज (27 मई) 56 साल के हो गए. फैंस के दिलों पर राज करने वाले इस 'बंबइया' क्रिकेटर ने महज 30 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

एक ओवर में छह छक्के लगाकर गैरी सोबर्स के रिकॉर्ड की बराबरी कर करियर की ऊंचाइयों पर जा बैठे रवि शास्त्री के कई किस्से मशहूर हुए थे. वे अर्जेंटीना की टेनिस स्टार गैब्रियला सबातिनी के दीवाने कहे जाते थे. उनका नाम बॉलीवुड अभिनेत्री अमृता सिंह से भी जुड़ा था.

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गैब्रियला ने अपने लुक्स और शानदार खेल से टेनिस की दुनिया में सुर्खियां बटोरी थीं. चर्चा यह भी रही कि रवि शास्त्री गैब्रियला से मिलने अर्जेंटीना जा पहुंचे थे. लेकिन, जब उस हसीन टेनिस स्टार से इस क्रिकेटर के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था, ये रवि शास्त्री कौन है..?

सबातिनी

उस समय ये अफवाहें उड़ी थीं कि शास्त्री ने गैब्रियला को प्रपोज किया और जिसे उन्होंने इनकार कर दिया. कुछ समय बाद हालांकि शास्त्री ने उस मुलाकात का साफ खंडन करते हुए कहा था कि वे किसी और काम से अर्जेंटीना गए थे. सच्चाई चाहे कुछ भी हो, शास्त्री के इस किस्से ने क्रिकेट को टेनिस से जरूर जोड़ दिया था.

शास्त्री FACTS

- 1981: दिलीप दोशी के चोटिल होने के बाद अचानक भारतीय टीम में शामिल किए गए रवि शास्त्री एक दिन पहले वेलिंगटन पहुंचे. न्यूजीलैंड के खिलाफ उस टेस्ट की दोनों पारियों में 3-3 विकेट निकाले. दूसरी पारी में तो उन्होंने चार गेंदों में तीन विकेट चटकाए और ये सभी कैच दिलीप वेंगसरकर ने पकड़े.

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- उन्होंने दसवें क्रम पर बल्लेबाजी से अपने टेस्ट करियर का आगाज किया. लेकिन दो साल से भी कम समय में ही उन्हें पारी की शुरुआत करने का मौका मिल गया.

- भारतीय टीम ने मार्च 1985 में बेंसन एंड हेजेज वर्ल्ड चैंपियनशिप कप पर कब्जा किया था. रवि शास्त्री को बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' का खिताब दिया गया. उन्होंने उस 'मिनी वर्ल्ड कप' टूर्नामेंट के 5 मैचों में 45.50 की औसत से 182 रन बनाए और 20.75 की औसत से 8 विकेट भी चटकाए थे. इतना ही नहीं उन्हें इनाम में ऑडी भी मिली थी.

पिछले साल रवि शास्त्री ने एक इवेंट के दौरान अपने इस पल को ट्वीट के जरिए याद किया था-

33 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप (1985) ट्रॉफी के साथ रवि शास्त्री ने हाल ही में यह ट्वीट किया-

- मौजूदा टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री के नाम एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड है, जो आज भी बरकरार है. शास्त्री ने जनवरी 1985 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक अपने नाम किया था. उन्होंने महज 113 मिनट में दोहरा शतक पूरा कर यह कारनामा किया.

-रवि शास्त्री ने वानखेड़े स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी के जोनल मुकाबले में बड़ौदा के खिलाफ ताबड़तोड़ नाबाद 200 रनों की पारी खेली थी. इसी पारी के दौरान शास्त्री ने बड़ौदा के स्पिनर तिलक राज के एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे. उस वक्त यह करिश्मा करने वाले वह सर गैरी सोबर्स के बाद दूसरे बल्लेबाज थे.

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रवि शास्त्री का करियर (1981-1992)

रवि शास्त्री ने 80 टेस्ट मैच में 11 शतक और 12 अर्धशतक की बदौलत 3830 रन बनाए. वहीं, उनके नाम पर 151 विकेट दर्ज हैं. वनडे में चार शतकों के साथ उन्होंने 3108 रन बनाए और 129 विकेट भी निकाले.

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