बुमराह ने बताए सुपर ओवर फेंकने के वो तीन गुरु मंत्र, जिसने पलटा पासा

बुमराह ने अपने इस रोमांचक अनुभव पर भी बात की और कहा, ये पहला मौका था, जब मैं सुपरओवर में बॉलिंग कर रहा था. दबाव तो था ही, क्योंकि हमने सिर्फ 11 रन बनाए थे. लेकिन यही वक्त होता है जब आपको नकारात्मक चीजों से दिमाग हटाना होता है.

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जसप्रीत बुमराह जसप्रीत बुमराह

केशवानंद धर दुबे

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  • 30 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST

गुजरात लॉयन्स और मुंबई इंडियंस मुकाबले में दोनों टीम ने 20 ओवर में 153 रन बनाए. मुकाबला सुपर ओवर में गया, जहां मुंबई ने जसप्रीत बुमराह की ‘डेथ ओवर स्पेशलिस्ट’ गेंदबाजी से ये लक्ष्य बचा लिया और रोमांचक जीत दर्ज की. इस जीत का पूरा श्रेय गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को जाता है. मुंबई की तरफ से गेंदबाजी के लिए आए जसप्रीत बुमराह और पहली ही बॉल नो बॉल फेंक दी. फिर एक अच्छी गेंद और अगली गेंद फिर वाइड. लेकिन दबाव में बुमराह घबराए नहीं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में सफल रहे.

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मैच के बाद बुमराह ने बताया कि कौन से वो तीन गुरु मंत्र थे जिससे उन्होंने सुपरओवर का थ्रिलर मैच मुंबई इंडियंस की झोली में डाल दिया और वो तीन गुरु मंत्र थे ‘’दबाव मत लो, शांत रहो, कॉन्फिडेंट रहो. ”

गुजरात लॉयन्स की ओर से ब्रैंडन मैक्कुलम और आरोन फिंच जैसे बिग हिटर सुपर ओवर में उतरे थे. लेकिन भारतीय स्पीडस्टार ने कयासों-अंदाजों को पलटकर रख दिया और अपनी टीम को जोरदार जीत दिलाई.

दबाव में शांत रहने पर मिली सफलता
टीम की जीत का नक्शा गढ़ने के बाद बुमराह ने बताया कि आखिर बेहद दबाव भरा सुपर ओवर फेंकने से पहले उनकी रणनीति क्या थी. उन्होंने कहा, टीम के साथियों ने भी मुझसे बात की. मैंने खुद से भी ये ही कहा कि अतिरिक्त दबाव लेने की जरूरत नहीं है. बस अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखो, कॉन्फिडेंट रहो और शांत रहो. इसके बाद जो योजना टीम ने बनाई है, उस पर अमल करो.

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पहले सुपर ओवर का अनुभव रहा शानदार
बुमराह ने अपने इस रोमांचक अनुभव पर भी बात की और कहा, ये पहला मौका था, जब मैं सुपरओवर में बॉलिंग कर रहा था. दबाव तो था ही, क्योंकि हमने सिर्फ 11 रन बनाए थे. लेकिन यही वक्त होता है जब आपको नकारात्मक चीजों से दिमाग हटाना होता है. सिर्फ सकारात्मक पक्ष को देखें और योजना के मुताबिक खेलें.

मलिंगा से बिलकुल अलग तरह यॉर्कर गेंदबाजी का करता हूं अभ्यास
अंतिम ओवरों में अपनी धारदार गेंदबाजी पर बात करते हुए बुमराह ने बताया, लसिथ मलिंगा विकेट के पास जूते रखकर यॉर्कर का अभ्यास करते हैं. लेकिन मेरा तरीका कुछ अलग है. मैं नेट्स पर न सिर्फ यॉर्कर बल्कि पूरी तरह डेथ ओवर गेंदबाजी का अभ्यास करता हूं. मुझे गुजरात, मुंबई इंडियंस और भारत के लिए यही भूमिका निभानी होती है. इसलिए अच्छा अभ्यास जरूरी रहता है.

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