भारत में खेले जाने वाले हर इंटरनेशनल मैच के लिए BCCI को मिलते हैं 70 करोड़ रुपए

अगर प्रति मैच की बात की जाए तो बीसीसीआई को टाइटल राइट्स के लिए अब 3.8 करोड़ रुपए मिलेंगे. वहीं पेटीएम अब तक इसके लिए 2.42 करोड़ रुपए प्रति मैच के हिसाब से भुगतान कर रहा था. 

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बीसीसीआई (फोटो-फाइल फोटो) बीसीसीआई (फोटो-फाइल फोटो)

रसेश मंडानी

  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 7:50 AM IST

भारत मे घरेलू पिच पर सर्दियों में इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए समर्पित सीजन को देखते हुए बीसीसीआई के टाइटल राइट्स से होने वाली कमाई में खासा इजाफा हुआ है. 2019-23 सीजन के लिए पेटीएम ने 326.80 करोड़ रुपए में टाइटल राइट को बरकरार रखा है. 2015-19 सीजन के लिए पेटीएम ने 203 करोड़ रुपए का भुगतान किया था. यानी अब राइट्स के लिए बीसीसीआई को दी जाने वाली रकम में 58% की बढ़ोतरी हुई है.

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अगर प्रति मैच की बात की जाए तो बीसीसीआई को टाइटल राइट्स के लिए अब 3.8 करोड़ रुपए मिलेंगे. वहीं पेटीएम अब तक इसके लिए 2.42 करोड़ रुपए प्रति मैच के हिसाब से भुगतान कर रहा था.  

डिजिटाइजेशन के दौर में पेटीएम ने राइट्स को दोबारा खरीद कर यह जताया कि उसको अपने ब्रांड के प्रमोशन के लिए भारतीय क्रिकेट पर कितना भरोसा है. पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा, 'हम बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट टीम के साथ अपना दीर्घकालिक सहयोग आगे भी जारी रखने को लेकर उत्साहित हैं. हर सीजन के साथ भारतीय क्रिकेट के साथ हमारी प्रतिबद्धता और मजबूत होती जा रही है. भारत क्रिकेट से प्यार करता है और पेटीएम में हम इसके बड़े प्रशंसक हैं.'

भारतीय क्रिकेट की बात की जाए तो राइट्स को लेकर सिर्फ 2013-15 को छोड़ दिया जाए तो हमेशा अच्छी प्रतिक्रिया मिली. 2013-15 में स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल के चलते कुछ झटका लगा था. तब स्टार इंडिया को 2013-14 भारी छूट के साथ 2 करोड़ रुपए प्रति मैच के हिसाब से राइट्स मिले थे. अगले साल यानी 2014-15 के लिए माइक्रोमैक्स ने ये राइट्स 2.02 करोड़ रुपए में खरीदे. ये वही दौर था जब स्कैंडल की नकारात्मकता के चलते पेप्सी ने आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप से हाथ खींच लिए थे. उस दौर से पहले 2010-13 सीजन चक्र के लिए एयरटेल हर मैच के लिए बीसीसीआई को 3.33 करोड़ रुपए का भुगतान कर रहा था.

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इसी से जुड़े घटनाक्रम में हाल में जुलाई में भारतीय क्रिकेट की जर्सी स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए ओप्पो की जगह नए ब्रैंड के तौर पर बायजू सामने आया. बायजू को 2019-22 के लिए ये राइट्स मिले हैं. एक आंतरिक समझौते के तहत ये डील हुई. ओप्पो ने पांच साल (2017-22) के लिए ये राइट्स खरीद रखे थे. हर द्विपक्षीय मैच के लिए 4.61 करोड़ रुपए में ये डील हुई. ओप्पो के इस डील से निकलने के बावजूद बीसीसीआई को कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ. बल्कि उसे ट्रांसफर फीस के तौर पर 5% अधिक हासिल हुए.

बता दें कि भारत में प्रसारण के राइट्स स्टार इंडिया ने 2018-23 के लिए 60.18 करोड़ रुपए प्रति मैच के हिसाब से खरीदें. भारत में होने वाले हर इंटरनेशनल मैच के लिए बीसीसीआई को 70 करोड़ रुपए मिलते हैं. इनमें किट स्पॉन्सरशिप, ग्राउंड और एसोसिएट स्पॉन्सरशिप से मिलने वाली रकम शामिल है.

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