आइपीएल 10 में अब तक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की ही धूम मची हुई है. बल्ले की बात हो या गेंद की ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से बाकी देशों के खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू टाय ने गुजरात की टीम में आते ही पहले मैच में 5 विकेट चटकाने का काम किया है. इसके साथ ही उन्होंने सभी टीमों के बल्लेबाजों को चुनौती भी दे डाली है.
टाय ने पुणे के खिलाफ मैच में हैट्रिक लगाई और एक समय में बड़ा स्कोर खड़ा करने जा रही स्मिथ की टीम को समेटने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने गुजरात के 20वें ओवर की पहली गेंद में 27 गेंदों में 31 रन बनाकर खेल रहे मनोज तिवारी को इशान किशन के हाथों कैच करवाया.
ये भी पढ़ें IPL10: गुड फ्राइडे पर डबल धमाका, एक ही दिन में दो-दो हैट्रिकअगली गेंद में उन्होंने 15 गेंदों में 25 रन बनाकर खेल रहे अंकित शर्मा को मैक्कुलम के हाथों कैच करवाया और हैट्रिक गेंद पर शर्दुल ठाकुर को बोल्ड किया. टाय ने मैच के बाद कहा कि उनका सबसे बड़ा हथियार उनकी ' न्कल बॉल' है.
टाय का घातक हथियार है ' न्कल बॉल'
टाय दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं और ' न्कल बॉल' उनकी स्लोअर डिलीवरी होती है. उन्होंने अपने 4 ओवरों में करीब 60 फीसदी गेंदें 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कीं. यानी यह धीमी गेंदें थीं. इनमें से 4 गेंदों में उन्हें विकेट भी मिले.
टाय का यह आइपीएल डेब्यू था और वह पहले ही आइपीएल मैच में हैट्रिक और पांच विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज बन गए हैं. टाय ने डेब्यू के मामले में शोएब अख्तर के नाम बेस्ट डेब्यू का रिकॉर्ड भी तोड़ने का काम किया है. अख्तर ने 2008 में 11 रन देकर 4 विकेट लिए थे, टाय ने 17 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए.
पांच साल की थी कड़ी मेहनत
टाय ने कहा है कि उन्होंने पांच-छह साल इस गेंद का काफी अभ्यास किया है और अब जाकर परफेक्ट ' न्कल बॉल' फेंकने में सफलता पाई है. अब यह टी 20 क्रिकेट में उनका सबसे खतरनाक हथियार है. टाय ने इससे पहले बिग बैश लीग में भी हैट्रिक ली थी. उन्होंने कहा कि बिग बैश में तो उन्हें भरोसा नहीं था कि वह हैट्रिक लगाने जा रहे हैं, पर आइपीएल में आने तक उनकी ' न्कल बॉल' इतनी घातक हो गई थी कि उन्हें हैट्रिक का पूरा भरोसा था.
क्या है यह न्कल बॉल'
' न्कल बॉल' का मतलब उस गेंद से है, जिसे आप अंगुलियों के नाखूनों से पकड़कर फेंकते हैं. क्रिकेट में यह टर्म बेसबॉल से आया है, जहां काफी 'नकल बॉलिंग' की जाती हैं. क्रिकेट में स्लोअर डिलीवरी के लिए 'बैक ऑफ द हैंड डिलीवरी' या 'ऑफ कटर' स्टाइल में गेंदें की जाती हैं. ' न्कल बॉल' में भी दूसरी स्लोअर डिलीवरी की तरह हाथ पूरी रफ्तार से नीते आता है और बल्लेबाज भ्रमित होकर गेंद की स्पीड का अनुमान नहीं लगा पाता है.
न्कल बॉल' की ग्रिप
न्कल बॉल' के लिए सीम से पहले या इसके दोनों ओर ग्रिप बनाई जाती है और यह डिलीवरी से पूरी तरह स्पिन को निकाल देती है. इसलिए भी यह और खतरनाक हो जाती है. इस गेंदबाजी में गेंद काफी कम रोटेट होती है और पुश्ड डिलीवरी के अंदाज में हवा को काटते हुए आगे बढ़ती है.
जहीर खान भी करते हैं ‘न्कल बॉल'
भारतीय गेंदबाजों में जहीर खान भी न्कल बॉल' करने के लिए जाने जाते हैं. कई गेंदबाजों ने न्कल बॉल' को अपने तरीके से बदल भी लिया है. कुछ लोग नाखूनों से इसे पकड़ते हैं तो कुछ अंगुलियों की नोंक से. एक्शन चेंज होने से पहले वेस्टइंडीज के ऑफ स्पिनर सुनील नरेन गेंद को नकल से पकड़ते थे, हालांकि अब वह कम ही ऐसा करते हुए नजर आते हैं. इसलिए नरेन भी एक्शन बदलने से पहले काफी घातक गेंदबाज हुआ करते थे.
विजय रावत