ईडी पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है क्योंकि अब तक उसने कोई ऐसा केस साबित नहीं किया है जो सभी के सामने स्पष्ट हो. अब यह साफ दिख रहा है कि जब भी ईडी कोई कार्रवाई करती है तो वह भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में सहयोग के लिए होती है. खासतौर पर बंगाल में बीजेपी ने सांप्रदायिकता फैलाने की बड़ी कोशिश की थी.