लोगों तक डायबिटीज की दवा BGR-34 पहुंचाने की जिम्मा राज्य सरकारों काः आयुष मंत्री

डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए बीजीआर-34 दवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्यों की है. इनके अलावा सिविक एजेंसी या अन्य विभाग भी अपने स्तर पर इस दवा को हासिल कर सकते हैं. आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि वैज्ञानिक एवं औद्यौगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा विकसित मधुमेह रोधी दवा बीजीआर-34 मरीजों के लिए साल 2015 से देश भर में उपलब्ध है.

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डायबिटीज से राहत दिलाती है सीएसआईआर द्वारा विकसित दवा. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी) डायबिटीज से राहत दिलाती है सीएसआईआर द्वारा विकसित दवा. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST
  • राज्यसभा में उठे सवाल पर बोले केंद्रीय आयुष मंत्री.
  • कहा- वैज्ञानिक रिसर्च के बाद विकसित हुई है दवा.
  • CSIR द्वारा विकसित की गई है यह मेडिसिन.

डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए बीजीआर-34 दवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्यों की है. इनके अलावा सिविक एजेंसी या अन्य विभाग भी अपने स्तर पर इस दवा को हासिल कर सकते हैं. आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि वैज्ञानिक एवं औद्यौगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा विकसित मधुमेह रोधी दवा बीजीआर-34 मरीजों के लिए साल 2015 से देश भर में उपलब्ध है. 

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आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकारी अस्पताल, औषधालय इत्यादि में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की है. यह दवा CSIR की लखनऊ स्थित दो प्रयोगशालाओं राष्ट्रीय बनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) और केंद्रीय औषधीय एवं सुगंधित पौंध संस्थान (सीमैप) द्वारा गहन वैज्ञानिक रिसर्च के बाद विकसित की गई है. 

आयुष मंत्री ने कहा कि अस्पतालों के अलावा ईएसआईसी, सीजीएचएस, नगर पालिकाओं, एमसीडी, एनडीएमसी आदि संस्थाओं में दवा की उपलब्धता खरीद एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में आता है. मानकीकरण, सत्यापन, सुरक्षा और हर्बल घटकों का अनुकूलन इत्यादि बिंदुओं पर जांच के बाद ही यह दवा मधुमेह रोगियों के लिए उपलब्ध है. CSIR ने बीजीआर-34 दवा को बाजार में लाने के लिए तकनीक एमिल फॉर्मास्युटिकल्स को हस्तांतरित की थी.

रक्त में शर्करा को नियंत्रित करने के अलावा एंटी आक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा भी है. एनबीआरआई के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. एकेएस रावत का कहना है कि बीजीआर-34 में दारुहरिद्रा, गिलोय, विजयसार, गुड़मार, मजीठ व मैथिका जैसे हर्बल मिलाए गए हैं, जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखने के साथ ही, एंटी आक्सीडेंट की मात्रा भी बढ़ाते हैं. इसके अलावा एम्स के डॉक्टरों ने भी एक अध्ययन के जरिए यह पुष्टि की थी कि अगर बीजीआर-34 के साथ एलोपैथी दवा का सेवन करें तो मधुमेह रोगियों में काफी तेजी से असर देखने को मिलता है.

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