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इंसानों के शरीर में खोजा गया नया अंग, करता है सबसे जरूरी काम

aajtak.in
  • जेनेवा,
  • 24 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:36 AM IST
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इंसान के शरीर में एक नया अंग खोजा गया है. इससे पहले इस अंग की डिटेल स्टडी कभी नहीं की गई थी. यह अंग हमारे निचले जबड़े के आखिरी छोर पर स्थित है. जिसकी मदद से हमारा जबड़ा हिलता है. यह मैसेटर (Masseter) के अंदर मौजूद मांसपेशी की गहरी परत है. यह निचले जबड़े को चबाते समय ऊपर-नीचे हिलाने में मदद करती है. आइए समझते हैं इस नए अंग के बारे में... (फोटोः गेटी)

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आधुनिक शरीर रचना विज्ञान (Anatomy Science) की किताबों में लिखा गया है कि मैसेटर मांसपेशियों में दो परत होती है. एक गहरी और दूसरी छद्म. लेकिन कुछ ऐतिहासिक मेडिकल दस्तावेजों में इस बात का जिक्र था कि मैसेटर में मांसपेशियों की एक तीसरी परत भी हो सकती है. लेकिन उसके पोजिशन यानी स्थान को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई थी. (फोटोः गेटी)

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नया अंग खोजने की स्टडी रिपोर्ट हाल ही में एनल्स ऑफ एनाटोमी (Annals Of Anatomy) जर्नल में प्रकाशित हुई है. इसलिए वैज्ञानिकों की टीम ने तय किया कि अब वो शरीर के इस नए हिस्से की खोज करेंगे. ताकि ऐतिहासिक दस्तावेजों के दावे की जांच की जाए. इसे करने के लिए वैज्ञानिकों ने 12 इंसानी कैडेवर हेड्स यानी मृत इंसान के सिर को चीरा गया. (फोटोः गेटी)

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ये सिर फॉर्मलडीहाइड में सुरक्षित रखे गए थे. इसके बाद नए 16 कैडेवर का सीटी स्कैन किया. फिर कुछ जिंदा इंसानों के जबड़े का MRI किया गया. जांच की गई तो पता चला कि जबड़े के पिछले हिस्से यानी मैसेटर मासंपेशियों में एक और गहरी परत है, जो बाकी दो परतों से रचना के आधार पर अलग है. यह मांसपेशी असल में हड्डी जैसा दिखाई देती है. (फोटोः गेटी)

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यह नई मांसपेशी के हड्डियों की तरह दिखने की वजह ये है कि इसके चारों तरफ हड्डियां ही हैं. जिन्हें चीक बोन्स (Cheek Bones) कहते हैं. ये ठीक कान के पास सामने की तरफ होती है. वैज्ञानिकों को निचले जबड़े के ठीक ऊपर त्रिकोण आकार में एक उभार भी दिखाई दिया, जो इस नई मांसपेशी की वजह से बना होता है. (फोटोः गेटी)

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स्विट्जरलैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ बेसेल में बायोमेडिसिन विभाग की सीनियर लेक्चरर और इस स्टडी की प्रमुख शोधकर्ता जिल्विया मेजी ने कहा कि जब हमनें मैसेटर मांसपेशियों का डिसेक्शन किया तो हमें तीनों परतें स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रही थीं. दो ऊपर की तरफ और तीसरी नई वाली अंदर नीचे की तरफ. ये मांसपेशी निचले जबड़े को ऊपर उठाने, खींचने और चलाने में मदद करती है.  (फोटोः Jens. C. Türp, University of Basel/UZB)

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जिल्विया मेजी ने बताया कि नई मांसपेशी मैसेटर मांसपेशियों में इकलौती ऐसी मांसपेशी है जो जबड़े की हड्डी को पीछे की तरफ खींचने में मदद करती है. यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर डेंटल मेडिसिन बेसेल के प्रोफेसर डॉ. जेन्स क्रिस्टोफ तर्प ने कहा कि 100 सालों से इस चीज को लेकर स्टडी और खोज की जा रही थी लेकिन यह मांसपेशी खोजी नहीं गई थीं. यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई जीव विज्ञानी नई प्रजाति का कशेरूकी जीव खोज लेता है. (फोटोः गेटी)

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इस नए अंग को नाम दिया गया है मस्क्यूलस मैसेटर पार्स कोरोनिडिया (Musculus masseter pars coronidea). सामान्य भाषा में मैसेटर का कोरोनॉयड हिस्सा. यह खोज इसलिए भी जरूरी है क्योंकि डॉक्टर और वैज्ञानिक अब जबड़े की मांसपेशियों के बारे में ज्यादा अध्ययन कर पाएंगे. (फोटोः गेटी)

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डॉक्टर इस मांसपेशी का अध्ययन करने के बाद ज्यादा बेहतर सर्जरी कर पाएंगे. ताकि वो जबड़े के इस हिस्से को अच्छे समझकर अलग-अलग तरह की बीमारियों से लोगों को निजात दिला सके. क्योंकि यह मांसपेशी खोपड़ी से जबड़े को जोड़ती है. इसलिए इसकी स्टडी बेहद जरूरी है. (फोटोः गेटी)

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