हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. चतुर्थी के दिन गणेश भगवान की पूजा का विशेष विधान है. आज विनायक चतुर्थी मनाई जा रही है. इसे कई जगहों पर वरद चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. विनायक चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और सच्ची निष्ठा से पूजा करने वालों को भगवान गणेश ज्ञान का आशीर्वाद देते हैं. आज के दिन विशेष पूजा-पाठ से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है.
विनायक चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त- विनायक चतुर्थी पर आज पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:58 से दोपहर 01:45 बजे तक है. पूजा मुहूर्त की कुल अवधि 02 घंटे 47 मिनट की है.
विनायक चतुर्थी की पूजन विधि- आज के दिन पूरे विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा की जाती है. स्नान के बाद साफ-स्वच्छ कपड़े पहनें. मंदिर की सफाई कर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें. पूजा शुरु करते हुए गणेश मंत्र का उच्चारण करें. गणपति को पंचामृत, चंदन का पेस्ट, लाल फूल, दूर्वा घास, कुमकुम, अगरबत्ती और धूप अर्पित करें. भगवान गणेश की आरती करें और लड्डू या मोदक का भोग लगाएं. शाम के समय दोबारा गणेश भगवान की पूजा करें.
विनायक चतुर्थी का महत्व- भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि, समृद्धि, और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है. किसी भी शुभ काम की शुरुआत प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता गणेश जी के पूजन से ही होती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने से जीवन के सारे संकट दूर हो जाते हैं. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन व्रत करने से भगवान गणेश की असीम कृपा प्राप्त होती है और घर-परिवार में शांति बनी रहती है.
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