महाकुंभ 2025: संत बालक योगेश्वर के शिविर में पहुंचे कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता, शहीदों को किया नमन

प्रयागराज महाकुंभ में संत बालक योगेश्वर जी का एक विशेष शिविर देश के अमर बलिदानियों को समर्पित है. इस शिविर में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई देती है, वहीं 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे गूंजते हैं. यहां शहीदों को नमन करने कैप्टन विक्रम बत्रा के परिजनों सहित तमाम लोग पहुंचे, जिन्होंने इस शिविर को मातृभूमि के वीर सपूतों को समर्पित एक तीर्थ स्थल बताया.

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शिविर में पहुंचे कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता. (Photo: Aajtak) शिविर में पहुंचे कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता. (Photo: Aajtak)

संजय शर्मा

  • प्रयागराज,
  • 25 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST

प्रयागराज महाकुंभ में एक विशेष शिविर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. यह शिविर देश के अमर बलिदानियों को समर्पित है. इस शिविर में धर्मध्वजा के साथ राष्ट्रध्वज भी लहराता है. वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के जयकारे गूंजते हैं. यह शिविर संत बालक योगेश्वर जी के नेतृत्व में संचालित हो रहा है, जिनका उद्देश्य मातृभूमि के वीर सपूतों को नमन करना है.

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इस विशेष शिविर में शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के परिजन भी पहुंचे. उनके पिता ने शिविर में हवन-पूजन में हिस्सा लिया और कहा कि यह शिविर अपने आप में एक तीर्थ है. उन्होंने कहा कि यहां आकर मातृभूमि के लिए बलिदान देने वाले वीरों के प्रति आदर और सम्मान का अनूठा अनुभव होता है.

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इस दौरान संत बालक योगेश्वर ने शिविर के उद्देश्य को लेकर कहा कि लोग धन, दौलत, भूमि और गायों का दान करते हैं, लेकिन सैनिक वह अद्वितीय व्यक्तित्व है, जो अपने प्राणों का दान करता है. वह भी यह बलिदान किसी पुण्य लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश की सेवा के लिए करता है.

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शिविर में मुंबई से आईं पारोमिता देशमुख ने देशभक्ति की भावना को और प्रबल करते हुए 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गीत गाया. उनके गीत ने उपस्थित लोगों के दिलों में देशभक्ति का जोश भर दिया. यह शिविर न केवल महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव है, बल्कि यह देशभक्ति और बलिदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी फैलाता है. ऐसे आयोजन देश की नई पीढ़ी को बलिदानी वीरों के प्रति सम्मान और गर्व करने की प्रेरणा देते हैं.

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