यह नक्षत्र (Surya Nakshatra) मेष और वृष राशियों में आता है. इसका एक हिस्सा मेष राशि में और तीन हिस्से वृष राशि में आते हैं. यह अग्नि और नियंत्रण करने की शक्ति रखता है. इस नक्षत्र के लोग अच्छे शासक और राजनेता होते हैं. शुक्र के प्रभाव वाले यहां कलाकार और खूबसूरत हो जाते हैं. इनके अंदर आकर्षित करने और अद्भुत ग्लैमर की क्षमता होती है. ये कभी कभी बड़े क्रोधी और जिद्दी हो जाते हैं. इनके अवैध सम्बन्ध और अपयश की संभावना भी बनती है. इनको अपने खान पान और पेट का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
सूर्य का दूसरा नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी
यह नक्षत्र दो राशियों के अंतर्गत आता है. पहला हिस्सा सिंह और बाकी तीन हिस्से कन्या राशि में आते हैं. पहले हिस्से में यह नक्षत्र अद्भुत ऊंचाइयां देता है. बाकी के तीन हिस्सों में यह बुद्धि और अध्यात्मिकता देता है. इस नक्षत्र के लोग दूसरों की सहायता करते हैं, और रिश्तों को निभाते हैं. ये लोग जिस भी क्षेत्र में हों, उस क्षेत्र में खूब ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं. कभी कभी ये लोग अकेलेपन के शिकार भी हो जाते हैं. ये दूसरों की सहायता के चक्कर में अपना नुक्सान कर बैठते हैं.
सूर्य का तीसरा नक्षत्र उत्तराषाढ़ा
यह नक्षत्र भी दो राशियों के अंतर्गत आता है. इसका पहला हिस्सा धनु और बाकी तीन हिस्से मकर राशि में आते हैं. यह नक्षत्र अध्यात्मिक शक्ति और मुक्ति पाने से जुड़ा हुआ है. इस नक्षत्र पर दैवीय कृपा भी मानी जाती है. इस नक्षत्र के लोग गहन ज्ञानी और बड़े लगन वाले होते हैं. आमतौर पर इस नक्षत्र के लोग काफी समृद्ध भी होते हैं.
इस नक्षत्र के लोग अच्छे प्रशासक और राजनेता भी हो सकते हैं. ये लोग बुलंद इरादों और मजबूत नैतिकता वाले होते हैं. कभी कभी ये लोग बड़े आलसी और अकेलेपन के शिकार हो जाते हैं. ये बड़े काम की शुरुआत के बाद अक्सर उसको बीच में छोड़ देते हैं.
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