Raksha Bandhan 2024: कौन है भद्रा जिसके डर से बहनें भाई को नहीं बांधती राखी? रक्षाबंधन पर क्या रहेगी इसकी टाइमिंग

Raksha Bandhan 2024: इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया भी रहने वाला है. शास्त्रों में भद्रा काल में भाई को राखी बांधना वर्जित माना गया है. आइए जानते हैं कि भद्रा कौन है और रक्षाबंधन पर भद्रा का साया कब से कब तक रहेगा.

Advertisement
रक्षाबंधन पर भद्रा का साया भी रहने वाला है. शास्त्रों में भद्रा काल में भाई को राखी बांधना वर्जित माना गया है. रक्षाबंधन पर भद्रा का साया भी रहने वाला है. शास्त्रों में भद्रा काल में भाई को राखी बांधना वर्जित माना गया है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 6:02 PM IST

Raksha Bandhan 2024:  हर साल सावन पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी यानी एक रक्षा सूत्र बांधती हैं और उसके लिए मंगलकामना करती है. बदले में भाई अपनी बहन को रक्षा का वचन देता है. इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 19 अगस्त यानी कल मनाया जाएगा. लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया भी रहने वाला है. शास्त्रों में भद्रा काल में भाई को राखी बांधना वर्जित माना गया है. आइए जानते हैं कि भद्रा कौन है और रक्षाबंधन पर भद्रा का साया कब से कब तक रहेगा.

Advertisement

रक्षाबंधन पर कब से कब तक रहेगी भद्रा?
रक्षाबंधन पर भद्राकाल 19 अगस्त की रात 02.21 बजे से दोपहर 01.30 बजे तक रहने वाला है. रक्षा बंधन पर सुबह 09.51 से 10.53 तक पर भद्रा पुंछ रहेगा. फिर 10.53 से 12.37 तक भद्रा मुख रहेगा. दोपहर 01.30 बजे भद्रा काल समाप्त हो जाएगा.

हालांकि इस भद्रा काल का रक्षाबंधन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. दरअसल, चंद्रमा के मकर राशि में होने के कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में रहेगा. इसलिए धरती पर होने वाले शुभ कार्य बाधित नहीं होंगे. अतः रक्षाबंधन पर आप किसी भी समय भाई को राखी बांध सकती हैं.

कौन है भद्रा?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन हैं. शनि की भांति इसका स्वभाव भी क्रूर है. वैसे भद्रा का शाब्दिक अर्थ कल्याण करने वाली है. इसके विपरीत भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित है. भद्रा राशिअनुसार तीनों लोको में भ्रमण करती हैं. पृथ्वीलोक में इसके होने से शुभ कार्यों में विघ्न आते हैं.

Advertisement

भद्राकाल बेहद अनिष्टकारी होता है. इस काल में शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं. ऐसी मान्यता है कि पृथ्वी लोक की भद्रा सभी कार्यों का विनाश करने वाली होती है. ऐसे में अगर आप भद्राकाल की अवधि में भाई को राखी बांधने की योजना बना रही हैं तो रुक जाइए. थोड़ा इंतजार कर लीजिए. भद्रा का साया टलने के बाद ही भाई को राखी बांधें.

भद्रा में राखी बांधने के परिणाम
रक्षाबंधन पर भद्रा का साया बेहद अशुभ होता है. कहते हैं सूर्पणखा नेभद्रा नक्षत्र में ही रावण को राखी बांधी थी, जिसके बाद राम-रावण के बीच युद्ध हुआ. रावण को अपनी जान भी गंवानी पड़ी. द्वापर युग में द्रौपदी ने भी अपने भाई को गलती से भद्रा काल में राखी बांध दी थी. इसके बाद द्रौपदी का सुख चैन सब छिन गया था. द्रौपदी को चीरहरण का दर्द झेलना पड़ा, जिसकी परिणति कुरुक्षेत्र के युद्ध के रूप मे हुई.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement