Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति कब है, आज या कल? इस विद्वान संन्यासी ने दूर किया सस्पेंस

Makar Sankranti 2026 14 or 15 January Kab Hai:स्वामी ब्राम्हाश्रम महाराज ने आगे बताया कि 15 जनवरी को द्वादशी तिथि है. सूर्य भी मकर राशि में प्रवेश कर रहा है. इसलिए निश्चित तौर पर इसी दिन मकर संक्रांति मनाना उचित है. दूसरा, 14 जनवरी को षटतिला एकादशी है. इस दिन चावल का प्रयोग वर्जित है.

Advertisement
स्वामी ब्राम्हाश्रम महाराज ने मकर संक्रांति पर स्नान का सर्वश्रेष्ठ समय भी बताया है. (Photo: ITG) स्वामी ब्राम्हाश्रम महाराज ने मकर संक्रांति पर स्नान का सर्वश्रेष्ठ समय भी बताया है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:19 AM IST

Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है. कोई 14 जनवरी को मकर संक्रांति बता रहा है तो कोई 15 जनवरी को. मकर संक्रांति की तारीख को लेकर खुद ज्योतिषविद भी एकमत नहीं है. मकर संक्रांति कीन तारीख ने लोगों को भी कन्फ्यूजन कर दिया है. हालांकि अब आपकी ये कन्फ्यूजन दूर होने वाली है. निरंजनी अखाड़े द्वारा 'जगद्गुरु' की उपाधि से सम्मानित स्वामी ब्रम्हाश्रम महाराज ने मकर संक्रांति की सही तारीख स्पष्ट कर दी है.

Advertisement

अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्राम्हाश्रम महाराज ने बताया कि 14 जनवरी को षटतिला एकादशी पड़ रही है. मकर संक्रांति पर चावल की खिचड़ी दान करने और खाने की परंपरा है. जबकि एकादशी पर चावल का स्पर्श वर्जित है. इस दिन सारे पाप चावल में आकर बैठते हैं. चावल सिर्फ जगन्नाथ पुरी में मुक्त रहता है. वहां भगवान को चावल से बने महाप्रसाद का ही भोग लगाया जाता है. इसलिए वहां इसका कोई दोष नहीं रहता है. लेकिन अन्य जगहों पर पर इसका बहुत बड़ा दोष माना गया है.

स्वामी ब्राम्हाश्रम महाराज ने आगे बताया कि 15 जनवरी को द्वादशी तिथि है. सूर्य भी मकर राशि में प्रवेश कर रहा है. इसलिए निश्चित तौर पर इसी दिन मकर संक्रांति मनाना उचित है. क्योंकि इस दिन आप न केवल खिचड़ी का दान-भोग कर सकेंगे. बल्कि सुबह-सुबह चावल से एकादशी का पारायण भी कर पाएंगे. इस दिन जो भी व्यक्ति चावल, तिल, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि का दान करता है, उसे उत्तम फल की प्राप्ति होती है.

Advertisement

मकर संक्रांति पर स्नान का समय (Makar Sankranti 2026 Snan Shubh Muhurt)
स्वामी ब्राम्हाश्रम महाराज ने मकर संक्रांति पर स्नान का सर्वश्रेष्ठ समय भी बताया है. उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक किसी भी वक्त पवित्र नदियों में स्नान किया जा सकता है.

इससे पहले वाराणसी के कथावाचक और ज्योतिषविद दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री भी 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की बात कह चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मान्य है. इस दिन वृद्धि योग, शुक्ल द्वादशी और ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग भी रहेगा. ज्योतिषविद न सिर्फ 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की बात कही, बल्कि अगले 54 साल यानी 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही पड़ने का दावा भी किया है. उन्होंने कहा कि 2080 के बाद संक्रांति में एक दिन बढ़ जाएगा और तब यह पर्व लोग 16 जनवरी को मनाएंगे.

हर 72 साल में बदलता है तारीखों का गणित
दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, हर साल सूर्य गोचर में 20 मिनट का फर्क आ जाता है. इस कैल्कुलेशन से तीन सालों में यह अंतर बढ़कर एक घंटे का हो जाता है और 72 साल में 24 घंटे यानी एक दिन का हो जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि 1936 से मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जा रही थी. जबकि 1864 से 1936 तक 13 जनवरी, 1792 से 1864 तक 12 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जा रही थी.

Advertisement

मकर संक्रांति पर क्या करें?
मकर संक्रांति पर सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और सूर्य देव को जल अर्पित करें. इसके बाद सूर्य और शनिदेव के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें. यदि संभव हो तो श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ भी करें. पुण्य काल में नए अन्न, कंबल और घी का दान करें. इस बार तिल और गुड़ का दान विशेष शुभ फल देने वाला माना जा रहा है. फिर भोजन में नए अन्न से बनी खिचड़ी तैयार करें और पहले भगवान को उसका भोग लगाएं. फिर प्रसाद के रूप में खुद भी ग्रहण करें.

मकर संक्रांति पर राशिनुसार करें दान

मेष- तिल और गुड़ का दान करें.
वृष- काली उड़द की दाल का दान करना उत्तम होगा.
मिथुन- चावल और घी का दान करें.
कर्क- चावल और काली दाल का दान करें.
सिंह- कम्बल या वस्त्र का दान करें.
कन्या- काली उड़द की दाल का दान करना लाभकारी होगा.
तुला- काले कंबल का दान करें.
वृश्चिक- तिल और गुड़ का दान करें.
धनु- काले कम्बल और अनाज का दान करें.
मकर- चावल, दाल और घी का दान करें.
कुंभ- तिल और गुड़ का दान करें.
मीन- कम्बल या वस्त्रों का दान करें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement