Chanakya Niti In Hindi: चाणक्य के मुताबिक संकट की घड़ी में बुद्धिमान व्यक्ति को क्या करना चाहिए, जानें

आचार्य चाणक्य की गिनती महान अर्थशास्त्रियों में होती है. चाणक्य ने समाज शास्त्र, कूटनीति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए कई नीतियों का बखान किया है. उन्होंने अपने नीति शास्त्र में मनुष्य को संकट के समय में बच निकलने के लिए कई ऊपाय बताए हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 10:36 AM IST

आचार्य चाणक्य की गिनती महान अर्थशास्त्रियों में होती है. चाणक्य ने समाज शास्त्र, कूटनीति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए कई नीतियों का बखान किया है. उन्होंने अपने नीति शास्त्र में मनुष्य को संकट के समय में बच निकलने के लिए कई ऊपाय बताए हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...

तावद् भयेषु भेतव्यं यावद् भयमानागतम्। 
आगतं तु भयं दृष्ट्वा प्रहर्तव्यमशंकया।।

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संकट के समय बुद्धिमान व्यक्ति को क्या करना चाहिए, इस संदर्भ में अपना मत व्यक्त करते हुए चाणक्य कहते हैं कि जब तक मुसीबतें, परेशानियां और संकट दूर रहते हैं तब तक बुद्धिमान व्यक्तियों को उनसे डरना चाहिए. 

लेकिन एक बार जब वे उनसे घिर जाएं तो उन्हें पूरी निडरता, साहस और धैर्य के साथ उनका सामना करना चाहिए. केवल इसी तरह वे उन्हें परास्त करके उनसे छुटकारा पा सकते हैं.

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नि:स्पृहो नाधिकारी स्यान्नाकामो मण्डनप्रिय:। 
नाऽविदग्ध: प्रियं ब्रूयात् स्पष्टवक्ता न वञ्चक:।। 

व्यक्ति की पहचान के विषय में चाणक्य ने कहा है कि जो मनुष्य अधिकार के पीछे भागनेवाला होता है, वह लोभी एवं लालची होता है. रूप-सौंदर्य एवं श्रृंगार को महत्व देनेवाले मनुष्य का स्वभाव कामुक होता है. 

मूर्ख व्यक्ति स्वभाववश कभी मृदुभाषी नहीं होते. इसी प्रकार जो व्यक्ति स्पष्टवक्ता एवं सत्यभाषी होते हैं, उनमें मक्कारी, धूर्तता और धोखेबाजी का लेशमात्र भी नहीं होता.

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