Chanakya Niti In Hindi: मनुष्य और घोड़े इस वजह से जल्दी हो जाते हैं बूढ़े

चाणक्य ने भी बुढ़ापे के बारे में अपनी चाणक्य नीति की किताब में वर्णन किया है. वो एक श्लोक के माध्यम से बताते हैं कि मनुष्य और घोड़े के जल्दी बूढ़े होने के कारणों को बताते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...

Advertisement
Chanakya Niti In Hindi Chanakya Niti In Hindi

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST

लंबे समय तक जवान रहने के लिए मनुष्य हर संभव प्रयास करता है, लेकिन एक समय के बाद बुढ़ापा उसे घेर ही लेता है. नीति शास्त्र के महान ज्ञाता आचार्य चाणक्य ने भी बुढ़ापे के बारे में अपनी चाणक्य नीति की किताब में वर्णन किया है. वो एक श्लोक के माध्यम से बताते हैं कि मनुष्य और घोड़े के जल्दी बूढ़े होने के कारणों को बताते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...

Advertisement

अध्वा जरा मनुष्याणां वाजिनां बंधनं जरा ।
अमैथुनं जरा स्त्रीणां वस्त्राणामातपं जरा ।।

 

देखें: आजतक LIVE TV

चाणक्य का मत है कि पुरुषों के लिए अधिक पैदल चलना, घोड़ों को बांधकर रखना और वस्त्रों के लिए धूप बुढ़ापे का कारण हैं. 

अर्थात सब कार्य मर्यादा के अंदर रहकर करना चाहिए. आवश्यकता से अधिक रास्ता चलना थका देता है और व्यक्ति बुढ़ापा महसूस करने लगता है. 

घोड़ा बंधा रहने पर बूढ़ा हो जाता है. अर्थात घोड़े से काम लेते रहना चाहिए. धूप में निरंतर सुखाते रहने से कपड़े जल्दी खराब हो जाते हैं. 

एक कहावत है जो इस श्लोक की बातों पर सटीक बैठता  है, घोड़ा अड़ा क्यों? पानी सड़ा क्यों? रोटी जली क्यों? फेरा न था.

ये भी पढ़ें-

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement