Vastu Dosh: रोजमर्रा की ये छोटी आदतें बिगाड़ सकती हैं आपका भाग्य, कभी खत्म नहीं होता वास्तु दोष

Vastu Dosh:हमारे जीवन में कुछ छोटी-छोटी आदतें होती हैं, जिन्हें हम अक्सर हल्के में लेते हैं. लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, ये आदतें हमारे भाग्य और जीवन की सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर कर सकती हैं. आइए जानते हैं ऐसी कुछ आदतों के बारे में

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST

Vastu Dosh: हम अक्सर अपने जीवन में आने वाली परेशानियों का कारण भाग्य, ग्रह-दशा या परिस्थितियों को मान लेते हैं. लेकिन शास्त्रों के अनुसार, हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें भी वास्तु दोष और ग्रहों की कमजोरी का कारण बन सकती हैं. अनजाने में की गई ये छोटी-छोटी गलतियां न सिर्फ हमारी ऊर्जा को प्रभावित करती हैं, बल्कि जीवन में रुकावटें, मानसिक तनाव और असफलता भी ला सकती हैं, इनसे वास्तु दोष हर तरफ से घेर लेता है. आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में और उनके पीछे छिपे वास्तु और ज्योतिषीय कारणों को.

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देर तक सोकर उठना

सूर्य को आत्मबल, स्वास्थ्य, सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा का कारक माना गया है. देर तक सोने से सूर्य की किरणें शरीर पर नहीं पड़ पातीं, जिससे सूर्य ग्रह कमजोर होता है.इसका असर आत्मविश्वास की कमी, आलस्य और करियर में रुकावट के रूप में दिखाई देता है.शास्त्रों में सूर्योदय से पहले या कम से कम सूर्योदय के समय उठने को शुभ माना गया है, ताकि शरीर और मन दोनों ऊर्जावान रहें.

दूसरों के कपड़े पहनना

हर व्यक्ति की अपनी ऊर्जा होती है, जो उसके कपड़ों में भी समाहित हो जाती है. जब हम दूसरों के कपड़े पहनते हैं, तो उनकी नकारात्मक या असंतुलित ऊर्जा हमारे भीतर प्रवेश कर सकती है. इससे मानसिक अस्थिरता, चिड़चिड़ापन और भाग्य में रुकावट आ सकती है. खासतौर से रोजमर्रा के कपड़ों को शेयर करने से वास्तु में अशुभ माना गया है.

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दांतों से नाखून चबाना

नाखून चबाना एक बुरी आदत ही नहीं, बल्कि मानसिक अशांति और नकारात्मक सोच का भी संकेत है. वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, यह आदत व्यक्ति की एकाग्रता और निर्णय क्षमता को कमजोर करती है. इससे जीवन में बार-बार गलत फैसले लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, जिसका असर सीधे भाग्य पर पड़ता है.

बिस्तर पर बैठकर भोजन करना

बिस्तर विश्राम के लिए होता है, न कि भोजन के लिए.बिस्तर पर बैठकर खाना राहु ग्रह को प्रभावित करता है, जिससे भ्रम, तनाव और अचानक समस्याएं बढ़ सकती हैं. साथ ही, शास्त्रों में दक्षिण दिशा में भोजन करने से भी मना किया गया है, क्योंकि यह दिशा यम और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती है. भोजन हमेशा शांत मन से, सही स्थान और दिशा में करना चाहिए.

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