आज है गणेश चतुर्थी, जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

भगवान गणेश की पूजा अर्चना करके बड़े से बड़े संकट को टाला जा सकता है. इस बार संकष्ट चतुर्थी 22 मई को पड़ रही है. संकष्टी चतुर्थी का अर्थ है संकट को हरने वाली चतुर्थी होता है. इस दिन विघ्नहर्ता  गणेश जी का पूजन किया जाता है.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

aajtak.in / मंजू ममगाईं

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2019,
  • अपडेटेड 7:40 AM IST

संकष्टी चतुर्थी का अर्थ है संकट को हरने वाली चतुर्थी होता है. इस दिन विघ्नहर्ता  गणेश जी का पूजन किया जाता है. हर महीने दो दिन चतुर्थी तिथि पड़ती है. जिन्हें भगवान श्री गणेश की तिथि माना जाता है. अमावस्या के बाद आने वाली शुक्लपक्ष की तिथि विनायक चतुर्थी तथा पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्णपक्ष की तिथि संकष्टी चतुर्थी कहलाती है. इन दोनों ही तिथियों पर भगवान गणेश की पूजा अर्चना करके बड़े से बड़े संकट को टाला जा सकता है. इस बार संकष्ट चतुर्थी 22 मई को पड़ रही है. 

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संकष्‍टी चतुर्थी की तिथि और शुभ मुहूर्त-

इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने पर सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं. आइए जानते हैं इस दिन पूजा करने के लिए क्या रहेगा शुभ मुहूर्त. 

शुभ मुहूर्त- अभिजीत मुहूर्त- नहीं, विजय मुहूर्त-02:3 pm से 03:27 pm

अशुभ मुहूर्त- राहुकाल-दोपहर 12 से 01:30 बजे तक

इस तरह से करें गणेश पूजन-

संकष्टी चतुर्थी के दिन सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए. स्नान करने के बाद पूजा करने से पहले मंदिर में लाल कपड़ा बिछाकर गणेशजी की स्थापना करें. गणेश जी को लाल फूल समर्पित करने के साथ अबीर, कंकू, गुलाल, हल्दी, मेंहदी, मौली चढाएं. मोदक, लड्डू, पंचामृत और ऋतुफल का भोग लगाएं. इसके बाद गणपति अथर्वशीर्ष, श्रीगणपतिस्त्रोत या गणेशजी के वेदोक्त मंत्रों का पाठ करें. गणपति की आरती करने के बाद अपने मन में मनोकामना पूर्ति के लिए ईश्वर से विनती करें.

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