आज पूरे देश में अक्षय तृतीया मनाई जा रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है. लेकिन इस बार ये पर्व दो दिन मनाया जाएगा.
अक्षय तृतीया 2017: जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त
दरअसल, हिन्दु पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय में उदय तिथि को महत्तपूर्ण माना जाता है. इसका अर्थ है सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, उसका प्रभाव पूरे दिन बना रहता है.
अक्षय तृतीया पर करें ये खास उपाय...
इस बार अक्षय तृतीया आज मनाई जा रही है लेकिन अगर सूर्योदय की तिथि के अनुसार देखेंगे तो 29 अप्रैल को इसका प्रभाव बना रहेगा. क्योंकि तृतीया 28 अप्रैल शुक्रवार सुबह 10 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी, जो 29 अप्रैल, शनिवार को सुबह 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगी. इसका अर्थ है सूर्योदय की अनुसार देखा जाए तो शनिवार को इसका प्रभाव बना रहेगा. इसलि दोनों ही दिन शुभ कार्यों के लिहाज से महत्तपूर्ण है.
क्यों महत्वपूर्ण है ये तिथि
अक्षय तृतीया को किया गया हर कार्य बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन जो कुछ भी दान किया जाता है उसका कई गुना लौटकर वापस आता है. इस दिन गंगा स्नान का भी बहुत महत्व है. भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा करने का प्रावधान है.